Home » Chaibasa News : साढ़े पांच घंटे जाम से परेशान रहे लोग, सेल प्रबंधन के लिखित आश्वासन के बाद खुला मनोहरपुर-बड़बिल मार्ग

Chaibasa News : साढ़े पांच घंटे जाम से परेशान रहे लोग, सेल प्रबंधन के लिखित आश्वासन के बाद खुला मनोहरपुर-बड़बिल मार्ग

ग्रामीणों के विरोध-प्रदर्शन के चलते सड़क के दोनों तरफ गाड़ियों की मीलों लंबी कतारें लग गईं। बिना लिखित आश्वासन लिए ग्रामीण हटने के लिए तैयार नहीं थे

by Rajeshwar Pandey
Chaibasa News
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

चाईबासा: स्थानीय युवाओं को रोजगार देने और क्षेत्र के बुनियादी विकास की मांग को लेकर सारंडा के छह गांवों के ग्रामीणों का गुस्सा मंगलवार को सड़क पर फूट पड़ा। संयुक्त ग्रामसभा परिषद की अगुवाई में ग्रामीणों द्वारा शुरू किया गया अनिश्चितकालीन चक्का जाम प्रशासन और स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) प्रबंधन के लिखित वादे के बाद साढ़े पांच घंटे में समाप्त हो गया। दोपहर को अधिकारियों के साथ हुई सफल वार्ता के बाद ग्रामीणों ने धरना खत्म किया, जिसके बाद इस मुख्य मार्ग पर यातायात दोबारा सुचारू हो सका।

सुबह 8 बजे से ठप हो गया था आवागमन

चिड़िया, बिनुवा, लोडो, टिमरा, सौदा और अंकुवा गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों ने मंगलवार सुबह 8 बजे से चाईबासा-मनोहरपुर मुख्य मार्ग पर अंकुवा-चिड़िया चौक जाम पर जाम कर दिया। आंदोलनकारियों का कहना था कि सेल की चिड़िया माइंस उनके बिल्कुल करीब है, जिससे वे सीधे प्रभावित होते हैं। इसके बावजूद यहां के पढ़े-लिखे स्थानीय युवाओं को नौकरी नहीं दी जा रही है। बुनियादी विकास के काम भी वर्षों से अधूरे पड़े हैं।

लिखित गारंटी मांग रहे थे ग्रामीण

ग्रामीणों का साफ स्टैंड था कि वे केवल मौखिक वादे पर नहीं, बल्कि लिखित गारंटी मिलने पर ही सड़क से हटेंगे। इस विरोध-प्रदर्शन के चलते सड़क के दोनों तरफ गाड़ियों की मीलों लंबी कतारें लग गईं, जिससे आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

प्रशासनिक और सेल अधिकारियों ने संभाला मोर्चा

हालात की गंभीरता को देखते हुए मनोहरपुर के बीडीओ शक्तिकुंज और अंचलाधिकारी प्रदीप कुमार तुरंत दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। इसके बाद सेल (चिड़िया खदान) के महाप्रबंधक रवि रंजन और उप महाप्रबंधक रतन पतरी भी वार्ता के लिए आगे आए। अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच काफी देर तक चली इस बैठक में आखिरकार सेल प्रबंधन झुका और संयुक्त ग्रामसभा परिषद को उनकी चार बड़ी मांगों पर एक लिखित सहमति पत्र सौंपा।

4 मुख्य मांगों पर बनी सहमति

दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद 4 मुख्य मांगों पर आधिकारिक रूप से सहमति जताई गई। सेल प्रबंधन ने ग्रामीणों की इन मांगों को लिखित रूप में स्वीकार किया है-

स्थानीय रोजगार

प्रभावित छह गांवों के बेरोजगार युवक-युवतियों को रोजगार के अवसर दिए जाएंगे। इसमें गांवों के पारंपरिक प्रधानों (मुंडाओं) के माध्यम से प्राथमिकता तय की जाएगी।

नियमित समीक्षा बैठक

स्थानीय नियोजन (रोजगार नीति) और क्षेत्र के विकास कार्यों की प्रगति पर नजर रखने के लिए हर महीने सेल प्रबंधन और ग्रामीण मुंडाओं की एक संयुक्त बैठक आयोजित होगी।

CSR फंड से विकास

सेल अपने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड से इस पूरे इलाके में स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा का स्तर और पीने के साफ पानी की व्यवस्था को दुरुस्त करेगा।

पक्की सड़क का निर्माण

बिरसा चौक (चिड़िया) से लेकर अंकुवा चौक तक की करीब 5 किलोमीटर लंबी जर्जर सड़क का जल्द ही पक्कीकरण (पिचिंग) कराया जाएगा।

ग्रामीणों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

मैनेजमेंट की तरफ से लिखित दस्तावेज मिलने के बाद दोपहर ठीक 1:26 बजे ग्रामीणों ने अपना आंदोलन वापस ले लिया और सड़क से हट गए। इसके तुरंत बाद पुलिस ने मनोहरपुर-बड़बिल-किरिबुरू मार्ग को पूरी तरह खोल दिया और घंटों से फंसे वाहनों को सुरक्षित निकाला गया। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे ग्रामीणों ने साफ किया कि वे फिलहाल प्रबंधन के वादे पर भरोसा कर जाम हटा रहे हैं। लेकिन यदि तय समय सीमा के भीतर इन कामों को धरातल पर शुरू नहीं किया गया, तो अगली बार इससे भी बड़ा और उग्र आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने दोतरफा रुख अपनाते हुए कहा कि यह सिर्फ रोजगार पाने की होड़ नहीं, बल्कि अपने जल, जंगल, जमीन के अधिकारों और हक की लड़ाई है।

Read Also- Coal India News: एन फ्रैंकलिन जयकुमार होंगे NCL के नए सीएमडी, लोक उद्यम चयन बोर्ड ने की सिफारिश

Related Articles

Leave a Comment