
चाईबासा : महिला कॉलेज चाईबासा के बी.एड. बहुउद्देशीय भवन में शुक्रवार को राष्ट्रीय खेल दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जीवनी और उनके योगदान को याद किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मेजर ध्यानचंद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि खेल हमारे जीवन में न सिर्फ सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है, बल्कि अनुशासन, एकता और संघर्ष करने की प्रेरणा भी देता है। दैनिक जीवन में खेल को अपनाने से शारीरिक और मानसिक विकास होता है।
खेल में सफलता के लिए एकाग्रता सबसे जरूरी- अप्रैल पूर्ति
समारोह में यूथ आइकॉन और राष्ट्रीय स्तर की तीरंदाज अप्रैल पूर्ति को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। अप्रैल पूर्ति ने राष्ट्रीय स्तर की तीरंदाजी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर कॉलेज और जिले का नाम रोशन किया है। सम्मान के बाद अपने संबोधन में उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि खेल में सफलता के लिए एकाग्रता सबसे जरूरी है। लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करके ही मुकाम हासिल किया जा सकता है। छात्राओं से पढ़ाई के साथ-साथ खेल को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।
महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य प्रोफेसर विकास कुमार मिश्रा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए खेल के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि खेल शिक्षा का अभिन्न हिस्सा है। इससे नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और आत्मविश्वास बढ़ता है। उन्होंने छात्राओं से पढ़ाई के साथ-साथ खेल को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। इस अवसर पर खेल इंचार्ज डॉ. राजीव लोचन महतो, प्रोफेसर सितेंद्र रंजन सिंह और प्रोफेसर प्रशांत खरे ने भी अपने विचार रखे और छात्राओं को खेल के प्रति जागरूक किया।
छात्राओं ने प्रतिदिन एक घंटा खेल के मैदान में बिताने का लिया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में छात्राओं ने प्रतिदिन एक घंटा खेल के मैदान में बिताने का संकल्प लिया। धन्यवाद ज्ञापन प्रोफेसर मदन मोहन मिश्रा ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राएं और शिक्षिकाएं उपस्थित थीं।

