
राजमार्ग के किनारे पौधारोपण और पौधों के संरक्षण पर ध्यान, एनएचएआई ने पर्यावरण अनुकूल सड़क विकास को दी प्राथमिकता
रांची : झारखंड में राष्ट्रीय राजमार्गों को हरा-भरा बनाने और सड़क किनारे हरित क्षेत्र विकसित करने की दिशा में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से पहल की जा रही है। इसी के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग-43 के पलमा-गुमला खंड में पौधारोपण किया गया है। इसका उद्देश्य राजमार्ग के आसपास हरियाली बढ़ाने के साथ पर्यावरण अनुकूल परिवेश तैयार करना है।
एनएचएआई की परियोजना कार्यान्वयन इकाई (पीआईयू), गुमला की ओर से पलमा-गुमला खंड में हरित क्षेत्र विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। राजमार्ग के किनारे पौधे लगाने के साथ उनके संरक्षण और नियमित देखभाल को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे सड़क के आसपास हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण के संतुलन को बनाए रखने में मदद मिलेगी।
एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी संतोष कुमार आर्य के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी प्राधिकरण की प्राथमिकताओं में शामिल है। वहीं, पीआईयू गुमला के परियोजना निदेशक कुमार गौतम ने पलमा-गुमला खंड में हरित परिवेश विकसित करने की पहल पर जोर दिया।
राजमार्गों के किनारे हरित क्षेत्र विकसित होने से सड़क के आसपास का वातावरण बेहतर बनाने में मदद मिलती है। इसके लिए पौधारोपण के साथ पौधों का जीवित रहना और उनका नियमित रखरखाव भी जरूरी है। एनएचएआई की इस पहल का उद्देश्य सड़क विकास के साथ हरियाली को भी बढ़ावा देना है।

