
चाईबासा : झारखंड राज्य शिक्षा परियोजना के तहत संचालित विद्यालय प्रमाणीकरण कार्यक्रम में पश्चिमी सिंहभूम जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। जुलाई से सितंबर 2026 तक आयोजित राउंड-3 एवं राउंड-4 के संयुक्त आकलन में जिले के कुल 58 विद्यालयों का विभिन्न श्रेणियों में चयन किया गया है। इसे जिले में शैक्षणिक गुणवत्ता, विद्यालय प्रबंधन और बेहतर शैक्षणिक वातावरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक परिणाम माना जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विद्यालय प्रमाणीकरण कार्यक्रम के तहत चयनित विद्यालयों में 2 विद्यालयों को गोल्ड, 47 को सिल्वर और 9 विद्यालयों को कांस्य श्रेणी में स्थान मिला है। विभिन्न निर्धारित मानकों के आधार पर किए गए आकलन में इन विद्यालयों का चयन किया गया है। यह उपलब्धि जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने और विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
उपायुक्त ने विद्यालयों के प्रयासों को सराहा
इस उपलब्धि पर पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त मनीष कुमार ने चयनित विद्यालयों के प्राचार्यों, शिक्षकों और छात्र-छात्राओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों की सक्रिय भूमिका, प्राचार्यों का प्रभावी नेतृत्व, विद्यार्थियों की नियमित सहभागिता और विद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयास बेहद महत्वपूर्ण हैं। विभिन्न श्रेणियों में विद्यालयों का चयन इन सभी के समर्पण, मेहनत और निरंतर प्रयासों को दर्शाता है।
उपायुक्त ने कहा कि शिक्षा समाज के समग्र विकास की आधारशिला है। विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करना, शिक्षण प्रक्रिया को प्रभावी बनाना, विद्यार्थियों में सीखने की रुचि विकसित करना और शिक्षा की गुणवत्ता में लगातार सुधार करना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।
अन्य विद्यालयों के लिए भी बनेगी प्रेरणा
उपायुक्त ने कहा कि इस तरह की उपलब्धियां अन्य विद्यालयों को भी बेहतर प्रदर्शन करने और निर्धारित मानकों के अनुरूप अपनी शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रेरित करती हैं। उन्होंने चयनित विद्यालयों के प्राचार्यों एवं शिक्षकों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए इसी प्रतिबद्धता के साथ कार्य जारी रखने की अपेक्षा की।
साथ ही, अन्य विद्यालयों को भी विद्यार्थियों की उपस्थिति, शिक्षण व्यवस्था, शैक्षणिक गतिविधियों और विद्यालय प्रबंधन में सुधार लाने के लिए निरंतर प्रयास करने पर जोर दिया।
जिला स्तर पर सम्मानित होंगे प्राचार्य और शिक्षक
उपायुक्त मनीष कुमार ने बताया कि चयनित विद्यालयों की इस उपलब्धि के सम्मान में शीघ्र ही जिला स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें चयनित विद्यालयों के प्राचार्यों एवं शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य उत्कृष्ट कार्य करने वाले विद्यालयों और शिक्षकों के योगदान को पहचान देना, उनका मनोबल बढ़ाना तथा जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को और मजबूत करना है। जिला प्रशासन को उम्मीद है कि इस उपलब्धि से अन्य विद्यालय भी प्रेरणा लेकर शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार की दिशा में आगे बढ़ेंगे।

