
चाईबासा : यदि आप भी मशरूम पसंद करते हैं तो जरा सावधानी बरतें। जंगलों में मिलनेवाले मशरूम कुछ प्रजाति स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती है। पश्चिमी सिंहभूम जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के अंजेदवेड़ा गांव में सोमवार को जहरीले मशरूम से स्वास्थ्य बिगड़ने का मामला सामने आया। जहरीला मशरूम खाने से एक ही परिवार के दो सदस्यों की तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई। पीड़ित बाप-बेटी को इलाज के लिए देर रात सदर अस्पताल चाईबासा में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है।
घर के सामने पुआल पर उगे मशरूम का किया था सेवन
अंजेदवेड़ा निवासी 45 वर्षीय चंद्र कुमार लोहार और उनकी 18 वर्षीय बेटी शांति लोहार ने सोमवार दोपहर को अपने घर के पास पुआल (पैरा) पर उगे मशरूम का सेवन किया था। मशरूम को खाने योग्य समझकर परिवार ने दोपहर के भोजन में उसकी सब्जी बनाई और दोनों ने खा लिया था।
खाना खाने के बाद शुरू हुई उल्टी-दस्त
सब्जी खाने के कुछ ही घंटों बाद दोनों की स्थिति बिगड़ने लगी। शुरुआत में उन्हें पेट में तेज दर्द हुआ, जिसके बाद लगातार उल्टी और दस्त (डायरिया) शुरू हो गए। देखते ही देखते दोनों की शारीरिक स्थिति बिगड़ती गई। रात बढ़ते-बढ़ते जब हालत नियंत्रण से बाहर होने लगी, तो परिजनों के बीच अफरा-तफरी मच गई। आनंद-फानन में ग्रामीणों और परिजनों के सहयोग से दोनों को देर रात चाईबासा स्थित सदर अस्पताल लाया गया।
डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी
अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में तैनात डॉक्टरों ने तुरंत दोनों मरीजों को स्लाइन चढ़ाया और फूड पॉइजनिंग का इलाज शुरू किया। डॉक्टरों के मुताबिक, जंगली मशरूम में मौजूद किसी अज्ञात टॉक्सिन (जहर) के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। फिलहाल दोनों मरीजों की स्थिति स्थिर बनी हुई है, लेकिन उन्हें डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में रखा गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने किया सतर्क
इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे बरसात के मौसम में जंगलों या पुआल पर उगने वाले अनजान मशरूमों का सेवन बिल्कुल न करें, क्योंकि इनमें से कई बेहद विषैले हो सकते हैं। इनके सेवन से स्वास्थ्य के नुकसान पहुंच सकता है।

