
चाईबासा : झारखंड ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंता जितेंद्र पासवान की पदोन्नति, अतिरिक्त प्रभार और सतर्कता संबंधी मामलों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। झारखंड आंदोलनकारी सुनील सिरका ने इस संबंध में राज्य के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार से संबंधित मामलों का उल्लेख होने के बावजूद संबंधित अधिकारी को महत्वपूर्ण पदों का अतिरिक्त प्रभार दिया गया तथा स्वच्छता प्रमाणपत्र (विजिलेंस क्लियरेंस) जारी किया गया।
मुख्य सचिव को भेजे गए पत्र में सुनील सिरका ने जितेंद्र पासवान के विरुद्ध पूर्व में दर्ज मामलों और विभागीय कार्रवाई की स्थिति की जांच कराने की मांग की है। पत्र के अनुसार, जितेंद्र पासवान तत्कालीन सहायक अभियंता एवं संपत्ति अतिरिक्त प्रभार से संबंधित पदों पर कार्यरत रहे हैं। उनके विरुद्ध पूर्व में वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों का उल्लेख किया गया है।
लोहदरगा सदर अस्पताल निर्माण में अनियमितता का आरोप
पत्र में लोहदरगा सदर अस्पताल के 100 बेड वाले वार्ड भवन के निर्माण कार्य में कथित अनियमितता का मामला उठाया गया है। इसके संबंध में निगरानी विभाग को जांच के लिए पत्र भेजे जाने तथा बाद में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को आवश्यक कार्रवाई के लिए मामला अग्रसारित किए जाने का उल्लेख है।
इसके अलावा, पत्र में एसीबी कांड संख्या 58/16 का जिक्र करते हुए कहा गया है कि मामले में अंतिम प्रतिवेदन संख्या 02/20 दिनांक 16 जनवरी 2020 को न्यायालय में समर्पित किए जाने की जानकारी उपलब्ध है। सुनील सिरका ने इस मामले के बाद संबंधित अधिकारी के विरुद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
स्वच्छता प्रमाणपत्र जारी करने पर भी सवाल
सुनील सिरका ने पत्र में सवाल उठाया है कि संबंधित मामलों के लंबित रहने के बावजूद जितेंद्र पासवान को पदोन्नति एवं अतिरिक्त प्रभार देने और स्वच्छता प्रमाणपत्र जारी करने का आधार क्या था। उन्होंने विभागीय अधिसूचनाओं, निगरानी विभाग की टिप्पणियों और संबंधित निर्णयों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराने की मांग भी की है।
उन्होंने मुख्य सचिव से आग्रह किया है कि संबंधित अधिकारी को महत्वपूर्ण पदों का अतिरिक्त प्रभार दिए जाने की प्रक्रिया की समीक्षा की जाए तथा यदि नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो नियमानुसार विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
आरटीआई के तहत भी मांगी गई जानकारी
इस मामले में सुनील सिरका ने ग्रामीण कार्य विभाग के राज्य जन सूचना अधिकारी को सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत अलग से आवेदन भेजा है। इसमें जितेंद्र पासवान से संबंधित स्वच्छता प्रमाणपत्र, पदोन्नति एवं अतिरिक्त प्रभार देने के आधार, विभागीय नोटशीट और समीक्षा बैठक के निर्णयों की प्रमाणित प्रतियां मांगी गई हैं।

