रांची/ पटना : झारखंड और बिहार के इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र से रविवार को एक दुखद खबर सामने आई है। झारखंड की नई विधानसभा भवन, झारखंड क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम सहित कई ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण परियोजनाओं का निर्माण करने वाली आरकेएस कंस्ट्रक्शन (रामकृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन) के चेयरमैन रामकृपाल सिंह का निधन हो गया। वह 87 वर्ष के थे और पिछले करीब 15 दिनों से बीमार चल रहे थे। पटना स्थित पारस अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।
रामकृपाल सिंह मूल रूप से बिहार के बेगुसराय जिले के रामदिरी गांव के निवासी थे। इसके साथ ही रांची के चेशायर होम रोड स्थित आवास में भी उनका निवास था। उनके निधन की खबर फैलते ही झारखंड और बिहार के राजनीतिक, प्रशासनिक और निर्माण जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
एक नजर रामकृपाल सिंह की जीवनी पर
रामकृपाल सिंह ने कठिन परिश्रम और दूरदृष्टि के बल पर कंस्ट्रक्शन क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने वर्ष 1973 में प्रोप्राइटरशिप फर्म के रूप में निर्माण व्यवसाय की शुरुआत की थी। समय के साथ उनके कार्य और प्रतिष्ठा का विस्तार हुआ और वर्ष 2003 में कंपनी को प्राइवेट लिमिटेड के रूप में स्थापित किया गया। इसके बाद रामकृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन एक प्रमुख ईपीसी इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण कॉन्ट्रैक्टर के रूप में उभरी।
कंपनी ने सड़क निर्माण, रेलवे परियोजनाएं, खनन कार्य और बड़े सरकारी भवनों के निर्माण में उल्लेखनीय योगदान दिया। झारखंड और बिहार में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की कई बड़ी परियोजनाओं में उनका नाम अग्रणी रहा।
झारखंड की पहचान बने कई प्रतिष्ठित भवन
रामकृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन द्वारा रांची में बनाए गए झारखंड क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम और बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम आज राज्य की पहचान बन चुके हैं। इसके अलावा झारखंड हाईकोर्ट भवन, विधानसभा भवन, समाहरणालय भवन और कई प्रमुख राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गों का निर्माण भी इसी कंपनी द्वारा किया गया। इन परियोजनाओं ने न केवल शहरी परिदृश्य को बदला, बल्कि राज्य के प्रशासनिक और खेल ढांचे को भी मजबूत किया।
‘कांट्रैक्टर ऑफ द ईयर’ से हो चुके सम्मानित
कुछ समय पूर्व भारतीय स्टेट बैंक (SBI) द्वारा देश की शीर्ष 10 कंस्ट्रक्शन कंपनियों की सूची जारी की गई थी। इसमें रामकृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन को झारखंड बिल्डर्स एसोसिएशन की ओर से ‘कांट्रैक्टर ऑफ द ईयर’ का प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया गया था। यह सम्मान कंपनी की कार्य गुणवत्ता, समयबद्ध निष्पादन और तकनीकी दक्षता को दर्शाता है।
परिवार और अंतिम संस्कार की जानकारी
रामकृपाल सिंह अपने पीछे दो पुत्र सुधीर कुमार और रंजन कुमार, एक पुत्री, दो पोते और दो पोतियों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार आज दोपहर दो बजे बेगूसराय स्थित उनके पैतृक गांव रामदिरी में किया जाएगा। रामकृपाल सिंह का निधन झारखंड-बिहार के निर्माण उद्योग के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उनके द्वारा स्थापित संस्थान और निर्मित संरचनाएं आने वाली पीढ़ियों तक उनकी कर्मठता और योगदान की गवाही देती रहेंगी।
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