
रांची : रांची पुलिस ने एक ऐसे शातिर अंतरराज्यीय गिरोह को दबोचने में कामयाबी हासिल की है, जो झारखंड से गाड़ियां चुराकर बिहार में बेचता था। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत तीन चोरों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से चोरी की 7 मोटरसाइकिलें बरामद हुई हैं। पूछताछ में आरोपियों ने माना कि वे रांची, रामगढ़ और बोकारो से बाइक और स्कूटी चुराते थे और उन्हें बिहार के गया में औने-पौने दामों में बेच देते थे।
पकड़े गए आरोपियों में गिरोह का लीडर अनिकेत कुमार उर्फ भोला (बोकारो), सिंदू कुमार (नामकुम, रांची) और विकास कुमार (गया, बिहार) शामिल हैं।
ऐसे जाल में फंसे चोर
शनिवार को ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी ने बताया कि शुक्रवार की रात ओरमांझी पुलिस गाड़ियों की चेकिंग कर रही थी। इस बीच एक बाइक पर सवार दो संदिग्धों को पुलिस ने रुकने का इशारा किया। पुलिस को देख दोनों बाइक मोड़कर सिकिदिरी की तरफ भागने लगे। लेकिन आगे मुस्तैद सिकिदिरी पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को धर दबोचा।
जब पुलिस ने इनके बैग की तलाशी ली, तो दंग रह गई। बैग के अंदर से गाड़ियों के लॉक तोड़ने वाली मास्टर चाबी (मास्टर की), प्लग रिंच, पेचकस और कुछ खुले हुए नंबर प्लेट मिले। कड़ाई से पूछताछ करने पर अनिकेत और सिंदू ने कबूला कि वे गाड़ियां चुराकर गया में बेचते हैं।
पहचान मिटाकर बेचते थे गाड़ियां
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने गया के विकास कुमार को पकड़ा और उसके पास से 5 बाइक बरामद कीं। वहीं एक बाइक रामगढ़ से मिली। पूछताछ में पता चला कि इस गिरोह में गया का मृत्युंजय साव भी शामिल है, जिसकी तलाश जारी है। चोरों ने बताया कि वे गाड़ी चुराने के तुरंत बाद उसका नंबर प्लेट बदल देते थे। इसके बाद चेचिस और इंजन नंबर को भी खुरचकर (पिंच कर) बदल देते थे, ताकि पुलिस या गाड़ी मालिक उसे कभी पहचान न पाए। पुलिस अब इस गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश में जुटी है।
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