
रांची : झारखंड में गैर- राज्य सिविल सेवा (Non SCS) के अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में प्रोन्नति देने की प्रक्रिया तेज हो गई है। राज्य सरकार को विभिन्न विभागों से अधिकारियों के नामों की अनुशंसा मिलनी शुरू हो गई है। भारत सरकार ने झारखंड के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा में प्रोन्नति का एक पद निर्धारित किया है। इस एक पद के लिए राज्य सरकार पांच अधिकारियों के नामों का पैनल तैयार करेगी।
कार्मिक विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस बार विभिन्न विभागों से प्राप्त प्रस्तावों में महिला अधिकारियों की संख्या अधिक है। खासकर महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग से बड़ी संख्या में प्रस्ताव राज्य सरकार को प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा अन्य विभागों से भी अधिकारियों के नाम भेजे गए हैं। सीडीओ, सीडीपीओ समेत विभिन्न पदों पर कार्यरत महिला अधिकारियों के नामों की अनुशंसा इस बार अधिक संख्या में हुई है।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली छंटनी समिति करेगी नामों पर विचार
राज्य सरकार को प्राप्त सभी प्रस्तावों की जल्द समीक्षा की जाएगी। इसके बाद मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित छंटनी समिति अधिकारियों के नामों और उनकी पात्रता पर विचार करेगी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर पांच अधिकारियों के नामों का पैनल तैयार किया जाएगा।
छंटनी समिति की रिपोर्ट के बाद राज्य सरकार की ओर से अनुशंसा भारत सरकार के कार्मिक मंत्रालय को भेजी जाएगी। वहां से प्रस्ताव संघ लोक सेवा आयोग को भेजा जाएगा। इसके बाद आयोग की बोर्ड बैठक में झारखंड के लिए उपलब्ध एक भारतीय प्रशासनिक सेवा के पद पर प्रोन्नति के लिए अधिकारियों के नामों पर विचार किया जाएगा।
अजय कुमार सिंह के सेवानिवृत्त होने के बाद खाली हुआ पद
यह पद पूर्व झारखंड लोक सेवा आयोग के सचिव अजय कुमार सिंह के सेवानिवृत्त होने के बाद खाली हुआ है। इसी रिक्ति के आधार पर भारत सरकार ने झारखंड को गैर-सिविल सेवा के एक अधिकारी को भारतीय प्रशासनिक सेवा में प्रोन्नति देने के लिए एक पद उपलब्ध कराया है।
गैर-सिविल सेवा के अधिकारी वे होते हैं, जो झारखंड प्रशासनिक सेवा के अधिकारी नहीं होते, बल्कि राज्य की विभिन्न अन्य सेवाओं में कार्यरत रहते हैं। इनमें अभियंत्रण सेवा, महिला एवं बाल विकास सेवा, योजना एवं विकास सेवा, स्वास्थ्य सेवा समेत अन्य सेवाओं के अधिकारी शामिल हैं।
राज्य सरकार अब विभिन्न विभागों से प्राप्त प्रस्तावों की समीक्षा के बाद पांच अधिकारियों के नामों का पैनल तैयार करेगी। इसके बाद यह अनुशंसा केंद्र सरकार को भेजी जाएगी और आगे की प्रक्रिया संघ लोक सेवा आयोग के स्तर पर पूरी होगी।


