
रांची : झारखंड की राजधानी रांची में रविवार सुबह अचानक पुलिस की गतिविधियां तेज हो गईं। शहर के अलग-अलग हिस्सों में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती और सड़कों पर बैरिकेडिंग देखकर लोगों का ध्यान इस ओर गया। शहर से जुड़े प्रमुख रास्तों और सीमावर्ती बिंदुओं पर पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए वाहनों की जांच शुरू कर दी। हालांकि, यह किसी आपात स्थिति के कारण की गई कार्रवाई नहीं थी। रांची पुलिस ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था और त्वरित कार्रवाई की क्षमता को परखने के लिए विशेष सीमा घेराबंदी अभ्यास चलाया था।
रांची पुलिस का सीमा घेराबंदी अभ्यास, सभी प्रमुख रास्तों पर तैनाती
पुलिस की ओर से चलाए गए इस अभ्यास के दौरान जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से जुड़ने वाले सीमा बिंदुओं को चिन्हित कर वहां पुलिस बल की तैनाती की गई। अचानक लगाए गए बैरिकेड्स के कारण इन रास्तों से गुजरने वाले वाहनों की जांच शुरू हुई। दोपहिया और चारपहिया वाहनों को रोककर पुलिसकर्मियों ने तलाशी ली। इसके साथ ही वाहन चालकों से जरूरी कागजात भी मांगे गए और उनकी जांच की गई।
आज सुबह सामान्य रूप से चल रही यातायात व्यवस्था के बीच अचानक हुई इस पुलिस कार्रवाई से लोगों को कुछ देर के लिए स्थिति समझने में परेशानी हुई। हालांकि, पुलिस की यह पूरी कवायद सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों की समीक्षा के लिए थी।
एसएसपी के निर्देश पर वरिष्ठ अधिकारियों ने संभाली कमान
रांची के एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर इस विशेष अभ्यास की योजना तैयार की गई थी। अभियान की निगरानी के लिए सिटी एसपी पारस राणा और ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी खुद मैदान में मौजूद रहे। उनके साथ जिले के कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी अलग-अलग स्थानों पर तैनात रहे।
सभी थाना क्षेत्रों की पुलिस टीमों को भी इस अभ्यास में शामिल किया गया। जिले के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ पुलिस की मौजूदगी का उद्देश्य यह देखना था कि किसी आपराधिक घटना की स्थिति में पुलिस बल कितनी तेजी से सक्रिय होकर शहर से बाहर निकलने वाले रास्तों पर निगरानी स्थापित कर सकता है।
बॉर्डर पॉइंट पर बैरिकेडिंग, वाहनों की हुई जांच
अभ्यास के दौरान विभिन्न थाना क्षेत्रों को जोड़ने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई। इन स्थानों से गुजरने वाले वाहनों को रोककर जांच की गई। पुलिस ने वाहनों की तलाशी लेने के साथ उनके दस्तावेजों की भी जांच की।
इस दौरान पुलिस अधिकारियों और जवानों ने मौके पर अपनी तैनाती के साथ-साथ आपसी समन्वय का भी परीक्षण किया। अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह देखना था कि जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों की पुलिस किसी एक बड़ी घटना की सूचना मिलने पर एक साथ कितनी तेजी से प्रतिक्रिया दे सकती है।
बड़ी आपराधिक घटना के बाद भागने वाले रास्तों को रोकने की तैयारी
पुलिस की इस कवायद का मुख्य उद्देश्य किसी बड़ी आपराधिक घटना के बाद अपराधियों के शहर से बाहर निकलने के संभावित रास्तों को तत्काल बंद करने की व्यवस्था को परखना था। लूट, हत्या या डकैती जैसी गंभीर वारदात के बाद अपराधियों के भागने की आशंका को देखते हुए सीमावर्ती रास्तों पर तत्काल निगरानी स्थापित करना पुलिस की कार्रवाई का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
इसी व्यवस्था की व्यावहारिक जांच के लिए रांची में सीमा घेराबंदी का यह अभ्यास किया गया। पुलिस ने यह परखने की कोशिश की कि अचानक किसी बड़ी आपराधिक घटना की सूचना मिलने पर शहर और जिले से बाहर जाने वाले प्रमुख रास्तों को कितनी तेजी से घेरा जा सकता है।
पुलिस की प्रतिक्रिया क्षमता और आपसी तालमेल की हुई समीक्षा
इस अभ्यास के माध्यम से रांची पुलिस की प्रतिक्रिया क्षमता और अलग-अलग थाना क्षेत्रों के बीच आपसी तालमेल की भी समीक्षा की गई। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में पुलिस बल की तैनाती, सीमावर्ती रास्तों पर घेराबंदी और वाहनों की जांच की प्रक्रिया को परखा गया।
रांची पुलिस की इस कवायद का मकसद वास्तविक आपराधिक घटना के दौरान पुलिस की कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाने के लिए मौजूदा व्यवस्था की जांच करना था। अभ्यास के दौरान जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस की सक्रियता और सीमावर्ती बिंदुओं पर निगरानी व्यवस्था को परखा गया।
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