
गिरिडीह : झारखंड के गिरिडीह जिला अंतर्गत बनियाडीह इलाके में शनिवार देर रात अचानक जमीन धंसने की घटना सामने आने के बाद आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। सीसीएल अस्पताल परिसर के समीप हुए भू-धंसान की सूचना मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। घटना का असर आसपास स्थित सीसीएल क्वार्टरों की सुरक्षा पर भी पड़ा है। स्थिति को देखते हुए सीसीएल प्रबंधन ने कुछ क्वार्टरों को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन आवासों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की कार्रवाई जारी है।
भू-धंसान की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोग भी देर रात घरों से बाहर निकलकर स्थिति का जायजा लेते नजर आए। लोगों के बीच सबसे बड़ी चिंता इस बात को लेकर है कि जमीन धंसने की स्थिति आगे बढ़ी तो आसपास के दूसरे आवासीय इलाके भी प्रभावित हो सकते हैं। फिलहाल प्रभावित स्थान और उसके आसपास के क्षेत्र पर सीसीएल प्रबंधन की ओर से नजर रखी जा रही है।
सीसीएल क्वार्टरों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
अस्पताल परिसर के समीप जमीन धंसने के बाद आसपास स्थित सीसीएल क्वार्टरों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा को लेकर प्रबंधन ने एहतियाती कदम उठाया है। जिन क्वार्टरों को संवेदनशील माना जा रहा है, वहां रहने वाले लोगों को दूसरे स्थान पर ले जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
परिवारों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की कार्रवाई के बीच आसपास रहने वाले अन्य लोगों में भी चिंता बनी हुई है। लोग यह जानना चाहते हैं कि भू-धंसान केवल एक स्थान तक सीमित है या इसका असर आसपास के हिस्सों में भी पड़ सकता है। इसी को देखते हुए प्रभावित क्षेत्र में आवाजाही और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
भूमिगत खनन क्षेत्र में जमीन धंसने से बढ़ा खतरा
बनियाडीह और आसपास का इलाका लंबे समय से भूमिगत खनन गतिविधियों से जुड़ा रहा है। ऐसे क्षेत्र में जमीन धंसने की घटना सामने आने के बाद स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। शनिवार देर रात की घटना के बाद लोगों ने आसपास की स्थिति को देखा और संभावित खतरे को लेकर चर्चा शुरू हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद सीसीएल प्रबंधन और संबंधित कर्मियों की गतिविधियां भी तेज हो गईं। प्रभावित स्थान के आसपास सुरक्षा को लेकर निगरानी बढ़ाई गई है। संवेदनशील माने जा रहे आवासों को खाली कराने की प्रक्रिया इसी एहतियाती कार्रवाई का हिस्सा है।
जमीन धंसने की वजह जानने के लिए तकनीकी जांच की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भू-धंसान वाले स्थान की तकनीकी जांच कराने की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि जांच के जरिए यह पता लगाया जाना जरूरी है कि जमीन किस वजह से धंसी और क्या आसपास के इलाकों में भी इसी तरह का खतरा मौजूद है। स्थानीय लोगों ने प्रभावित स्थान तक जांच सीमित रखने के बजाय आसपास के आवासीय क्षेत्रों की भी सुरक्षा जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जमीन के नीचे किसी कारण से अस्थिरता पैदा हुई है, तो उसकी जानकारी समय रहते सामने आनी चाहिए, ताकि किसी बड़ी घटना की आशंका को टाला जा सके।
भू-धंसान का दायरा अभी स्पष्ट नहीं
शनिवार देर रात हुए भू-धंसान के बाद फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि जमीन धंसने का प्रभाव कितने क्षेत्र तक है। इसके अलावा घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या है, इसकी भी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी।
सीसीएल प्रबंधन और प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। वहीं, प्रभावित क्षेत्र के आसपास स्थित संवेदनशील क्वार्टरों को खाली कराने और वहां रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की प्रक्रिया जारी है। बनियाडीह में सामने आई इस घटना के बाद इलाके के लोगों की निगाह अब जांच और आगे की कार्रवाई पर है। खास तौर पर यह देखा जाना है कि भू-धंसान का प्रभाव मौजूदा स्थान तक सीमित रहता है या आसपास के अन्य हिस्सों में भी इसका असर सामने आता है।
Read Also- Palamu Road Aaccident : चैनपुर में दो बाइक की आमने-सामने टक्कर, 18 वर्षीय युवक की मौत

