
Ranchi: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के झारखंड प्रांत प्रचारक गोपाल शर्मा ने कहा कि संघ की स्थापना डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने वर्ष 1925 में नागपुर में की थी। आज संघ का विस्तार देशभर में हो चुका है और एक लाख से अधिक शाखाएं संचालित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि शाखा केवल नियमित गतिविधियों का केंद्र नहीं, बल्कि व्यक्ति निर्माण और समाज को संगठित करने का माध्यम है।
रविवार को रांची के एचईसी धुर्वा स्थित केशव नगर सेक्टर-3 शाखा मैदान में आयोजित मुहल्ला संगम कार्यक्रम में गोपाल शर्मा ने 53 शाखाओं के स्वयंसेवकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जिन मोहल्लों में अभी शाखा नहीं लगती है, वहां भी शाखा शुरू करने के लिए स्वयंसेवकों को प्रयास करना चाहिए।
पंच परिवर्तन को लेकर चलेगा अभियान
गोपाल शर्मा ने कहा कि आने वाले वर्षों में संघ पंच परिवर्तन के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए काम करेगा। परिवार, पर्यावरण, सामाजिक समरसता और स्वदेशी जीवनशैली जैसे विषयों को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि आज परिवार व्यवस्था कई चुनौतियों से गुजर रही है। घरों में संवाद कम हो रहा है और परिवार टूट रहे हैं। ऐसे में परिवार के सदस्यों के बीच संवाद बढ़ाने, बच्चों को संयुक्त परिवार की परंपरा और संस्कारों से परिचित कराने की जरूरत है।
उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर दिया। साथ ही लोगों से स्वदेशी वस्तुओं के इस्तेमाल को बढ़ावा देने और समाज के सभी वर्गों के लोगों के साथ अपनत्व का भाव रखने की अपील की।
संघर्षों से गुजरकर यहां तक पहुंचा संघ
प्रांत प्रचारक ने कहा कि आरएसएस की यात्रा आसान नहीं रही है। संघ के विस्तार के लिए सैकड़ों प्रचारकों और स्वयंसेवकों ने अपना जीवन समर्पित किया। शुरुआती दौर में संगठन को कई कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। संघ पर अलग-अलग समय में प्रतिबंध भी लगे और आपातकाल के दौरान बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों को जेल जाना पड़ा।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले भी आपातकाल के दौरान 19 महीने जेल में रहे। इन तमाम परिस्थितियों के बावजूद संघ लगातार आगे बढ़ता रहा। उन्होंने इसका श्रेय शाखा की व्यवस्था को दिया, जहां नियमित गतिविधियों के माध्यम से अनुशासन, संगठन और राष्ट्रभाव का विकास किया जाता है।
शताब्दी वर्ष में शाखाओं के विस्तार पर जोर
गोपाल शर्मा ने कहा कि संघ के शताब्दी वर्ष के तहत पिछले वर्ष से देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अधिक से अधिक स्थानों पर शाखाएं शुरू करना भी इसी अभियान का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि शताब्दी समारोह भले ही एक पड़ाव हो, लेकिन शाखाओं के विस्तार और समाज से लोगों को जोड़ने का काम लगातार जारी रहना चाहिए।
उन्होंने स्वयंसेवकों से समाज के उन लोगों तक पहुंचने की अपील की, जो संघ की गतिविधियों से जुड़ना चाहते हैं। करीब डेढ़ घंटे चले मुहल्ला संगम कार्यक्रम में 53 शाखाओं के स्वयंसेवकों ने एक ही मैदान में अलग-अलग गतिविधियों में हिस्सा लिया।

