
सेंट्रल डेस्क : सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रणवीर अल्लाहबादिया की ‘इंडिया’स गॉट लेटेंट’ शो में की गई ‘अश्लील’ टिप्पणियों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की, साथ ही उन्हें इस मामले में गिरफ्तारी से अंतरिम राहत भी प्रदान की। सुप्रीम कोर्ट ने रणवीर अल्लाहबादिया को सख्त फटकार लगाते हुए पूछा कि यह अश्लीलता नहीं है तो क्या है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी को भी समाज में अश्लीलता फैलाने का लाइसेंस नहीं मिला है।
कोर्ट ने कहा कि फ्रीडम ऑफ स्पीच के नाम पर किसी को भी अश्लीलता फैलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। कोर्ट ने रणवीर अल्लाहबादिया को आदेश दिया कि वह अब बिना कोर्ट की अनुमति के विदेश नहीं जा सकेंगे। उन्हें आदेश दिया गया है कि वह अपना पासपोर्ट ठाणे पुलिस के पास जमा कर दें। रणवीर अल्लाहबादिया अपने खिलाफ दर्ज हुईं एफआइआर को क्लब कराने और इन्हें क्वैश कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं। मगर, सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह क्यों इन प्राथमिकियों को क्लब या क्वैश करे।
रणवीर अल्लाहबादिया केस के मुख्य बिंदु
विवाद की उत्पत्ति: रणवीर अल्लाहबादिया, जो ‘बीयर बाइसेप्स’ के नाम से प्रसिद्ध हैं, ने कॉमेडियन समय रैना के शो ‘इंडिया’स गॉट लेटेंट’ में माता-पिता पर कुछ टिप्पणियां की थीं, जिससे विवाद उत्पन्न हुआ। उनकी इन टिप्पणियों के कारण कई राज्यों में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गईं।
एफआईआर और जांच: महाराष्ट्र साइबर विभाग, गुवाहाटी पुलिस और जयपुर पुलिस ने अल्लाहबादिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज की हैं। पुलिस ने कहा कि अल्लाहबादिया जांच एजेंसियों से संपर्क नहीं कर रहे हैं। महाराष्ट्र साइबर सेल ने उन्हें 24 फरवरी को पेश होने का समन जारी किया है।
सार्वजनिक माफी और सहयोग: विवाद के बाद, रणवीर अल्लाहबादिया और समय रैना ने सोशल मीडिया पर अपनी टिप्पणियों के लिए सार्वजनिक माफी मांगी और कहा कि वे जांच एजेंसियों के साथ पूरी तरह से सहयोग करेंगे। रैना ने यह भी घोषणा की कि उन्होंने शो के सभी एपिसोड हटा दिए हैं।

