
रांची : झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रभाव के कारण मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में बारिश, मेघगर्जन, तेज हवाओं और वज्रपात को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। राजधानी रांची समेत राज्य के 17 जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना जताई गई है। कई क्षेत्रों में तेज बौछारें पड़ सकती हैं, जबकि कुछ इलाकों में आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली का खतरा भी बना हुआ है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वातावरण में नमी की मात्रा बढ़ने और मानसूनी गतिविधियों के सक्रिय होने से झारखंड के पूर्वी, दक्षिणी और मध्य भागों में वर्षा की स्थिति मजबूत हुई है। बादलों की आवाजाही के कारण दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।
इन 17 जिलों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक रांची, खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, बोकारो, रामगढ़, हजारीबाग, गिरिडीह, धनबाद, देवघर, दुमका, जामताड़ा, पाकुड़ और गोड्डा जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर अच्छी वर्षा होने की भी संभावना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की सक्रियता बढ़ने के कारण दक्षिणी और पूर्वी झारखंड के जिलों में वर्षा की संभावना अन्य क्षेत्रों की तुलना में अधिक बनी हुई है। खेतों में कार्य कर रहे किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
कई जिलों में तेज हवा और आंधी की चेतावनी
मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में तेज हवाएं चलने की आशंका जताई है। रांची, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, दुमका, जामताड़ा, पाकुड़, गोड्डा, बोकारो, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम समेत कई इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
इसके साथ ही मेघगर्जन और आंधी-तूफान की भी संभावना व्यक्त की गई है। खराब मौसम के दौरान लोगों को खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। आवश्यकता न होने पर घरों के भीतर सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है।
इन क्षेत्रों में वज्रपात का अधिक खतरा
झारखंड में हाल के दिनों में आकाशीय बिजली की घटनाओं में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आज भी कई जिलों में वज्रपात की आशंका बनी हुई है। विशेष रूप से संथाल परगना, कोल्हान और दक्षिणी छोटानागपुर क्षेत्र के जिलों में बिजली गिरने का खतरा अपेक्षाकृत अधिक माना जा रहा है।
खुले खेतों, जलाशयों और ऊंचे स्थानों पर मौजूद लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मेघगर्जन सुनाई देने पर तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचने और पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचने की हिदायत दी गई है।
तापमान में मिलेगी राहत
राज्य में बादलों की मौजूदगी और वर्षा गतिविधियों के कारण अधिकतम तापमान 33 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। वहीं न्यूनतम तापमान 24 से 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार कई जिलों में गर्मी का असर कम होगा, हालांकि पलामू क्षेत्र में तापमान अपेक्षाकृत अधिक रहने की संभावना है।

