
Jamshedpur : कतर के रसलाफान इंडस्ट्रियल सिटी स्थित बारज़ान गैस प्लांट में सोमवार को हुए भीषण धमाके में 13 मजदूरों की मौत हो गई, जिनमें 12 भारतीय नागरिक शामिल बताए जा रहे हैं। इस दर्दनाक हादसे में जमशेदपुर के धतकीडीह ए-ब्लॉक निवासी रज़ा अली इमाम की भी जान चली गई। हादसे में 66 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज कतर के विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है।
गौरतलब है कि रज़ा अली इमाम कतर की कतर नेशनल फेसेलिटी सर्विसेज कंपनी में इंस्ट्रूमेंट टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत थे। वह पिछले कई वर्षों से कतर में रहकर नौकरी कर रहे थे और अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे।
हादसे की सूचना मिलते ही जमशेदपुर स्थित उनके घर में कोहराम मच गया। रज़ा अली इमाम अपने पीछे पत्नी, सात वर्षीय बेटी और पांच वर्षीय बेटे सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। मोहल्ले में भी शोक का माहौल है और स्थानीय लोग परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं।
बताया जा रहा है कि बारज़ान गैस प्लांट में हुए जोरदार विस्फोट के बाद राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू किया गया था, लेकिन कई मजदूर इसकी चपेट में आ गए। भारतीय नागरिकों की मौत की खबर सामने आने के बाद परिजनों और प्रवासी भारतीयों में भी चिंता का माहौल है।
रज़ा अली इमाम की मौत की खबर से जमशेदपुर में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजन अब उनके पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं।

