RANCHI: आरपीएफ यात्रियों की सुरक्षा तो कर ही रहा है। वहीं ट्रेन में छूटे हुए सामान भी उसके असली मालिक तक पहुंचाने में पीछे नहीं है। यहीं वजह है कि अब ट्रेन में सामान छूट जाने के बाद भी लोगों को सही सलामत लौटाया जा रहा है। जिससे लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बीते एक साल के दौरान आरपीएफ ने ट्रेन और रेलवे परिसरों में छूटे हुए 273 यात्रियों का खोया हुआ सामान सुरक्षित लौटाया। जिसकी अनुमानित कीमत 51,47,057 रुपये थी।
आपरेशन अमानत से मिली राहत
आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार यात्रियों की बढ़ती आवाजाही के कारण ट्रेन में जल्दबाजी, स्टेशन पर भीड़ या असावधानी के चलते सामान छूटने की घटनाएं आम हैं। ऐसे मामलों में आरपीएफ ऑपरेशन अमानत के तहत त्वरित कार्रवाई करते हुए खोए हुए बैग, नकद राशि, मोबाइल, आभूषण, कपड़े और अन्य कीमती सामान को सुरक्षित बरामद करता है। इसके बाद पूरी जांच-पड़ताल और वेरीफिकेशन के बाद सामान उसके वास्तविक मालिक को सौंप दिया जाता है।
लोगों को मिला खोया सामान
आरपीएफ द्वारा लौटाए गए सामान में नकद राशि के साथ-साथ पैसेंजर्स के कीमती दस्तावेज, पहचान पत्र, मेडिकल कागजात और घरेलू सामान भी शामिल हैं। इसके अलावा लोगों को कैश भी सही सलामत लौटाए गए है। जिसकी लोगों को मिलने की उम्मीद ही नहीं थी। कई मामलों में पैसेंजर्स ने आरपीएफ की सक्रियता और ईमानदारी की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका खोया हुआ सामान इतनी जल्दी और सुरक्षित वापस मिल जाएगा।
सामान छूट जाए तो घबराए नहीं
आरपीएफ कमांडेंट पवन कुमार ने बताया कि यदि किसी यात्री का सामान ट्रेन में या रेलवे स्टेशन पर छूट जाए तो उसे घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसे मामलों में यात्री तुरंत रेल मदद हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकते हैं। 139 डायल कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते है। शिकायत मिलते ही संबंधित आरपीएफ पोस्ट और एस्कॉर्ट टीम को सूचना दी जाती है, जिसके बाद त्वरित खोजबीन शुरू की जाती है। समय पर सूचना मिलने से सामान बरामद होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसलिए यात्रा के दौरान अपने सामान पर ध्यान रखें और ट्रेन से उतरते समय एक बार अपने आसपास जरूर जांच कर लें। इसके साथ ही किसी भी प्रकार की परेशानी या सामान छूटने की स्थिति में बिना देरी किए रेल मदद का सहारा लें।
केस-1
आरपीएफ लोहरदगा ने 15 जनवरी को राजधानी एक्सप्रेस के यात्री का खोया हुआ सामान सुरक्षित रूप से लौटाया। रेल मदद के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि ट्रेन संख्या 20408 राजधानी एक्सप्रेस के कोच बी-1 के बर्थ संख्या 30 पर एक यात्री का बैग छूट गया है। सूचना मिलते ही आरपीएफ एस्कॉर्ट पार्टी ने जांच की और बैग सुरक्षित बरामद किया। बैग में साड़ियां, निमंत्रण पत्र, मेडिकल कार्ड तथा अन्य घरेलू सामान जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 10,000 रुपये बताई गई। वेरीफिकेशन के बाद पश्चात बैग को यात्री के अधिकृत प्रतिनिधि को सौंप दिया गया।
केस-2
12 जनवरी को एक यात्री बिहार के भाजपुर चिटनी के रहने वाले टुनटुन कुमार रांची से आरा जाने के लिए ट्रेन संख्या 18640 एक्सप्रेस से जाने के लिए रांची स्टेशन आया था। लेकिन वह ट्रेन संख्या 18624 एक्सप्रेस के सामान्य कोच में चढ़ गया। गलती का एहसास होते ही वह तुरंत रांची रेलवे स्टेशन पर उतर गया। हड़बड़ी में उसका बैग ट्रेन में ही छूट गया। सूचना मिलते ही ऑन ड्यूटी शिफ्ट अधिकारी ने ट्रेन संख्या 18624 एक्सप्रेस में तैनात एस्कॉर्ट पार्टी प्रभारी को अवगत कराया गया। जिन्होंने बैग सुरक्षित रूप से बरामद किया गया। बैग में नकद और कपड़े मिले। वेरीफिकेशन के बाद बैग और नकद राशि 44,970 रुपये बोकारो रेलवे स्टेशन पर संबंधित यात्री को सुपुर्द किया गया।

