रांची। टेंडर कमीशन घोटाले के एक और आरोपित तत्कालीन एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (रिटायर्ड) राजकुमार टोप्पो ने गुरुवार को पीएमएलए की अदालत में सरेंडर कर दिया। अदालत ने एक लाख के निजी मुचलके पर उन्हें जमानत दे दी है। अदालत ने पासपोर्ट जमा करने और बिना अनुमति देश नहीं छोड़ने की शर्त पर उन्हें जमानत दी है। साथ ही सुनवाई की हर तिथि में अदालत में हाजिर होने की शर्त भी रखी गई है।
इससे पूर्व बुधवार को एक्जीक्यूटिव इंजीनियर संतोष कुमार ने रांची स्थित पीएमएलए (PMLA) की विशेष अदालत में आत्मसमर्पण किया था। अभियंताओं पर आरोप था कि वे लोग तत्कालीन मंत्री आलमगीर आलम के आप्त सचिव (PS) संजीव कुमार लाल के इशारे पर टेंडर के बदले लगभग 20 करोड़ रुपये की कमीशन राशि वसूली थी। ईडी इस पूरे नेटवर्क और रुपयों के बंटवारे की कड़ी जांच कर रही है।
मामले में ईडी ने 14 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में पूरक प्रॉसीक्यूशन कंप्लेंट दाखिल किया था। अदालत ने मामले में संज्ञान लेकर आरोपितों के खिलाफ समन किया था। अबतक 6 से अधिक आरोपियों ने अदालत में सरेंडर कर दिया है।
टेंडर कमीशन घोटाला में 2023 में हुई थी ईडी की पहली कार्रवाई
उल्लेखनीय है कि टेंडर कमीशन घोटाला मामले में ईडी की पहली कार्रवाई 2023 में हुई थी। इस दौरान कई इंजीनियर के ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। वहीं दूसरी कार्रवाई 6 मई 2024 को हुई थी, जिसमें इंजीनियर ठेकदार और कांट्रेक्टर के ठिकानों पर ईडी ने रेड मारी थी।
छापेमारी के दौरान पूर्व मंत्री आलमगीर आलम के आईएसडी रहे संजीव लाल के नौकर के ठिकाने से लगभग 32 करोड़ से अधिक बरामद हुए थे। जबकि ठेकेदार मुन्ना सिंह के ठिकाने से 2.93 करोड़ और कांट्रेक्टर राजीव सिंह के ठिकाने से 2.14 करोड़ जब्त किए गए थे। पैसे की बरामदगी के बाद पूर्व मंत्री आलमगीर आलम ईडी के रडार पर आए थे।
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