
चाईबासा : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिला के उपायुक्त मनीष कुमार ने चक्रधरपुर प्रखंड अंतर्गत दो पुस्तकालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां अध्ययनरत विद्यार्थियों से बातचीत की और बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने के संबंध में विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। कार्तिक उरांव डिजिटल पुस्तकालय कलचकरा पंचायत में उपायुक्त ने कुरुलिया स्थित डिजिटल पुस्तकालय में पढ़ाई कर रहे। युवक-युवतियों और बच्चों से उनकी तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने युवाओं को नियमित अध्ययन, अनुशासन और लक्ष्य केंद्रित रहने के लिए प्रेरित किया। परिसर में हैंडवॉश यूनिट, पर्याप्त रोशनी और पेवर ब्लॉक लगाने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के क्रम में उपस्थित अधिकारियों द्वारा पुस्तकालय परिसर में पौधारोपण भी किया गया।
टिकारचापी स्थित पुस्तकालय पदमपुर पंचायत निर्माण कार्य का जायजा और निर्माणाधीन पुस्तकालय का अवलोकन किया और कार्य की गुणवत्ता व प्रगति की समीक्षा की। खिड़कियों में जाली लगाने, कमरों में समुचित प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने और परिसर का सौंदर्यीकरण कराने के निर्देश दिए।
ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर : उपायुक्त
उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि पुस्तकालय केवल किताबें पढ़ने का स्थान नहीं, बल्कि युवाओं के ज्ञान, व्यक्तित्व विकास और भविष्य निर्माण का सशक्त माध्यम हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर पुस्तकालय विकसित होने से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को पढ़ाई का अनुकूल वातावरण मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों को पुस्तकालयों के नियमित एवं प्रभावी संचालन के सख्त निर्देश दिए।
इस निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, पोड़ाहाट-चक्रधरपुर की अनुमंडल पदाधिकारी श्रुति राजलक्ष्मी, सहायक समाहर्ता ईरा जोरवाल, चक्रधरपुर के बीडीओ कंचन मुखर्जी, अंचल अधिकारी सुरेश सिन्हा और संबंधित अभियंता उपस्थित रहे।

