
Jamshedpur : झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिला मुख्यालय जमशेदपुर स्थित डिमना में प्रस्तावित अंतरराज्यीय बस टर्मिनल की 13 एकड़ जमीन पर कचरा डंपिंग के मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की ओर से स्थल निरीक्षण के लिए तय दो सप्ताह की समय-सीमा 7 अक्टूबर को पूरी हो गई। इसके बावजूद अब तक स्थल का निरीक्षण नहीं किया गया है। मामले के आवेदक और जन विकास मंच के अध्यक्ष सौरभ विष्णु ने कहा कि न तो कोई जांच दल मौके पर पहुंचा और न ही निरीक्षण की तारीख की जानकारी दी गई।
NGT की पूर्वी क्षेत्र पीठ, कोलकाता ने 23 सितंबर 2026 को मूल आवेदन संख्या 202/2026/EZ की सुनवाई के दौरान केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद और जिला दंडाधिकारी की संयुक्त समिति को निर्देश दिया था कि दो सप्ताह के भीतर बैठक कर आवेदक को साथ लेकर स्थल का निरीक्षण किया जाए। समिति को छह सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट अधिकरण के समक्ष प्रस्तुत करनी है।
सौरभ विष्णु के अनुसार, निरीक्षण की तारीख तय कराने के लिए उन्होंने 3 अक्टूबर और फिर 5 अक्टूबर को राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के रांची और जमशेदपुर कार्यालय के साथ जिला प्रशासन को लिखित पत्र दिया था। उनका कहना है कि इन पत्रों पर अब तक कोई जवाब नहीं मिला है।
सौरभ ने कहा कि अब वह पूरी स्थिति से NGT को अवगत कराएंगे। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि अधिकरण के आदेश के बाद कचरे के बड़े हिस्से को उसी जमीन में दबाकर जमीन को समतल किया गया तथा चारदीवारी का एक हिस्सा भी तोड़ा गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इधर, मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर भी विरोध तेज हो रहा है। बुधवार को सौरभ विष्णु के नेतृत्व में डिमना बस्ती में निवासियों की बैठक हुई। बैठक में लोगों ने आंदोलन में शामिल होने का निर्णय लिया और हस्ताक्षर अभियान शुरू किया।
मंगलवार को हुए धरने में वसुंधरा एस्टेट के अलावा डिमना बस्ती, हिल विहार कॉलोनी, रेबिट कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों के लोग शामिल हुए थे। स्थानीय वार्ड पार्षद बापी दास ने भी धरनास्थल पर पहुंचकर समर्थन दिया था।
अब वसुंधरा एस्टेट विकास समिति का विस्तार करते हुए इसका नाम ‘डिमना–पारडीह चौक विकास समिति’ रखा गया है। समिति के दायरे में डिमना गोलचक्कर से पारडीह चौक तक एनएच-33 के आसपास की बस्तियों और कॉलोनियों को शामिल किया गया है। समिति की ओर से नगर निगम को लिखित आपत्ति देकर मांग की जा रही है कि प्रस्तावित बस टर्मिनल की जमीन या रिहायशी इलाके के पास एनएच-33 के किनारे कचरे का शेड अथवा कॉम्पैक्टर नहीं लगाया जाए।
सौरभ विष्णु ने कहा कि निरीक्षण नहीं होने से अब मामला केवल प्रशासनिक कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा है। उनके अनुसार, अधिकरण ने निरीक्षण के लिए समय-सीमा तय की थी, इसलिए अब आदेश के अनुपालन का मुद्दा भी NGT के सामने रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच से पहले जमीन की स्थिति में बदलाव होने की बात सामने आ रही है, जिससे मौके की वास्तविक स्थिति के आकलन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उनके पास अधिकरण का आदेश, संबंधित तिथियां, प्रशासन को दिए गए पत्र और स्थानीय निवासियों के वीडियो मौजूद हैं। इन्हीं दस्तावेजों के साथ वह अब अधिकरण का रुख करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों के साथ मिलकर जमीन पर भी आंदोलन जारी रहेगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कचरे और संभावित प्रदूषण का असर किसी एक कॉलोनी तक सीमित नहीं रहेगा। इसी वजह से डिमना से पारडीह चौक तक की बस्तियों और कॉलोनियों को आंदोलन से जोड़ने की तैयारी की जा रही है।
इसे भी पढ़ें – Jamshedpur Bindal Mall Firing : जमशेदपुर बिंदल मॉल गोलीकांड में दो घायल शूटर्स समेत 5 गिरफ्तार

