Jamshedpur : झारखंड सरकार ने पूर्वी सिंहभूम जिले को प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति (2025-26) के वितरण के लिए 20 करोड़ रुपये का फंड दे दिया है। यह रकम जिले के कल्याण विभाग के खाते में आ गई है। इस रकम से जिले में कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जाएगी। जबकि, कक्षा नौ और कक्षा 10 के छात्रों के लिए भी छात्रवृत्ति का फंड जल्द आने वाला है। बताया जा रहा है कि छात्रवृत्ति के लिए छात्रों की तरफ से आवेदन करने का सिलसिला चल रहा है। जल्द ही जिला स्तर पर डीसी की अध्यक्षता में एक मीटिंग होगी और इसके बाद आवेदनों को स्वीकृति प्रदान करने के बाद कक्षा एक से आठ तक के सभी स्टूडेंट्स के खाते में छात्रवृत्ति की रकम भेज दी जाएगी।
गौरतलब है कि छात्रवृत्ति में देरी के आरोप में इन दिनों विधानसभा में हंगामा हो रहा है। जमशेदपुर में भी छात्रों के एक समूह ने रैली निकाल कर डीसी ऑफिस पर प्रदर्शन किया है। ऐसे में द फोटोन न्यूज ने अपने जिले में छात्रवृत्ति की स्थिति खंगाली तो पता चला कि प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के हालात तो ठीक हैं। मगर, पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति को लेकर फंड की दिक्कत आ रही है।
अब तक आए 1 लाख 33 हजार 931 आवेदन
जिला कल्याण विभाग प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के नाम पर कक्षा एक से कक्षा 10 तक के छात्रों को छात्रवृत्ति देता है। कक्षा एक से कक्षा आठ तक के विद्यार्थियों को 2250 रुपये जबकि, कक्षा नौ और 10 के स्टूडेंट्स को 4500 रुपये छात्रवृत्ति दी जाती है। प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति (2025-26) के लिए अब तक एक लाख 33 हजार 931 आवेदन आ चुके हैं। पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए भी आवेदन सबमिट करने का सिलसिला चल रहा है। पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर है।
पिछले साल वंचित रह गए थे 6373 स्टूडेंट्स
प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति (2024-25) के लिए आवेदन करने वाले विद्यार्थियों में से एक लाख 43 हजार 348 स्टूडेंट्स को वजीफा दिया गया था। 6373 छात्र छात्रवृत्ति से वंचित रह गए थे। इन्हें इस साल के फंड से छात्रवृत्ति देने की कवायद चल रही है। इसके लिए कागजी कार्रवाई की जा रही है।
पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए फंड का इंतजार
पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए जिला कल्याण विभाग फंड का इंतजार कर रहा है। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार इस मद के लिए फंड देती है। मगर, केंद्र से अब तक राज्य को पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के मद में फंड नहीं मिल पाने की वजह से देर हो रही है। पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए आवेदन जमा किए जा रहे हैं।
पिछले वित्तीय साल के 12 हजार से अधिक स्टूडेंट्स हैं महरूम
पिछले वित्तीय साल से पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति वितरण में दिक्कत शुरू हुई है। पिछले वित्तीय साल में 22 हजार 725 स्टूडेंट्स को वजीफा दिया गया। मगर, फंड की कमी की वजह से 12 हजार 141 स्टूडेंट्स छात्रवृत्ति से वंचित रह गए। यह छात्र अब भी वजीफे के लिए जिला कल्याण विभाग का चक्कर काट रहे हैं। इसी तरह, वित्तीय साल 2023-24 में 23 हजार 64 छात्रों को पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति दी गई है। इस वित्तीय साल के भी 464 छात्र छात्रवृत्ति के लिए भाग-दौड़ कर रहे हैं।

