
रांची : झारखंड की राजधानी रांची स्थित रिम्स में एक जूनियर महिला डॉक्टर के साथ छेड़खानी की गंभीर घटना सामने आई है। इस घटना के बाद प्रबंधन ने भले ही तत्परता दिखाते हुए चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है, लेकिन जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि होमगार्ड्स से रिम्स नहीं संभल रहा है। वे ड्यूटी पर नहीं रहते हैं। अगर रहते भी हैं, तो मोबाइल पर व्यस्त रहते हैं। ऐसे में सुरक्षा भगवान भरोसे है। बता दें कि प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड को हटाकर सुरक्षा में 450 से अधिक होमगार्ड को लगाया गया है। वहीं सैप के भी सैकड़ों जवान सुरक्षा में तैनात हैं।
नहीं था कोई गार्ड
जूनियर डॉक्टर ने बताया कि घटना अस्पताल की तीसरी मंजिल से छात्रावास की ओर जाने वाले रास्ते पर हुई, जब एक अज्ञात व्यक्ति ने उनके साथ अनुचित व्यवहार किया। मेडिकोज के अनुसार, घटना के समय उस कॉरिडोर में कोई भी सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं था, जिससे आरोपी को ऐसा करने का मौका मिला। मामले की जानकारी रिम्स निदेशक डॉ. राजकुमार तक पहुंचने के बाद उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए अपर चिकित्सा अधीक्षक को निर्देश दिया कि वे पूरे घटनाक्रम की जानकारी बरियातू थाना पुलिस को दें। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
पुलिस भी करेगी मामले की जांच
रिम्स प्रबंधन ने इस घटना को बेहद गंभीर मानते हुए कहा है कि न सिर्फ जांच समिति मामले की पड़ताल करेगी, बल्कि पुलिस भी समानांतर जांच करेगी। इसके साथ ही संस्थान ने यह भी निर्णय लिया है कि अस्पताल परिसर के उन स्थानों को चिह्नित किया जाएगा, जहां सुरक्षा की जरूरत है और वहां तत्काल सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाएगी।
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