सेंट्रल डेस्क : लाहौर के वाल्टन एयरपोर्ट के पास हुए विस्फोटों ने पाकिस्तान में दहशत का माहौल बना दिया है। ये विस्फोट भारतीय सेना की ओर से पाकिस्तान स्थित आतंकी शिविरों पर किए गए ऑपरेशन सिंदूर के अगले दिन हुए। हालांकि पाकिस्तान सेना और पुलिस की ओर से अभी तक आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन स्थानीय सूत्रों और सोशल मीडिया पोस्ट्स में इसे मिसाइल हमले के रूप में बताया जा रहा है।
लाहौर में विस्फोटों का विवरण
गुरुवार, 8 मई 2025 की सुबह, लाहौर के वाल्टन एयरपोर्ट के पास DHA फेज़ 3 और 4 में जोरदार विस्फोट हुए। ये विस्फोट इतने शक्तिशाली थे कि पांच किलोमीटर दूर तक सुने गए और आसमान में घना धुंआ देखा गया। इसके बाद, ग़ोपल नगर और नसीराबाद इलाकों में भी विस्फोटों की खबरें आईं, जिससे स्थानीय निवासियों में अफरा-तफरी मच गई।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि विस्फोटों के बाद आपातकालीन सायरन की आवाजें सुनाई दीं और लोग अपने घरों से बाहर भागने लगे। पाकिस्तानी सेना और पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर बम निरोधक दस्ते के साथ जांच शुरू कर दी है।
ऑपरेशन सिंदूर और बढ़ते तनाव की पृष्ठभूमि
7 मई 2025 को भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान-आधारित कश्मीर में स्थित नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे। यह ऑपरेशन जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 नागरिकों की हत्या के जवाब में किया गया था। भारत ने इस हमले में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों के ठिकानों को निशाना बनाया था। पाकिस्तान ने इन हमलों को नागरिकों पर हमला बताते हुए कड़ी निंदा की थी।
पाकिस्तान ने इन हमलों का जवाब देने के लिए भारतीय विमानों को मार गिराने का दावा किया था, जबकि भारत ने इसे खारिज किया था। इस बीच, दोनों देशों के बीच सीमा पर भारी गोलाबारी हुई थी, जिसमें कई नागरिकों की मौत हुई थी। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है।
पाकिस्तान में हवाई सेवाओं पर असर
लाहौर, कराची और सियालकोट हवाई अड्डों पर हुए विस्फोटों के बाद पाकिस्तान की नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (CAA) ने इन हवाई अड्डों पर उड़ान सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी हैं। CAA के अनुसार, लाहौर और सियालकोट हवाई अड्डे दोपहर 12 बजे तक बंद रहेंगे। लोगों को घरों में रहने की सलाह दी गई है और पाकिस्तानी सेना ने नेवल कॉलेज पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है।
यह घटनाक्रम भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव और सैन्य गतिविधियों का संकेत देता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है और दोनों देशों से शांति की अपील कर रहा है।

