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Jamtara News: जामताड़ा गैंग का नया साइबर ‘खेल’ : गरीबों के आधार कार्ड से खुल रहे फर्जी बैंक खाते, रांची तक फैला नेटवर्क

जांच में सामने आया कि अपराधी कुछ हजार रुपये का लालच देकर गरीब लोगों से उनके आधार कार्ड हासिल कर लेते थे।

by Mujtaba Haider Rizvi
Aadhaar Card Update
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Ranchi : झारखंड में साइबर अपराध का नेटवर्क लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहा है। साइबर ठगी के लिए बदनाम जामताड़ा गैंग अब राजधानी रांची में भी सक्रिय हो गया है। ताजा जांच में खुलासा हुआ है कि अपराधी गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के आधार कार्ड का दुरुपयोग कर फर्जी बैंक खाते खुलवा रहे हैं और उन्हीं खातों के जरिए ठगी की रकम का लेन-देन कर रहे हैं।हाल ही में रांची के गोंदा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार साइबर अपराधियों से पूछताछ के दौरान पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं।

जांच में सामने आया कि अपराधी कुछ हजार रुपये का लालच देकर गरीब लोगों से उनके आधार कार्ड हासिल कर लेते थे। इसके बाद आधार कार्ड में हेरफेर कर फर्जी पते के आधार पर बैंक खाते खोले जाते थे।रांची के सिटी एसपी पारस राणा के अनुसार, साइबर अपराधी पहले असली आधार कार्ड को तकनीकी तरीके से संशोधित कर नकली दस्तावेज तैयार करते थे। इसी आधार पर बैंक में नया खाता खुलवाया जाता था। खाता खुलने के बाद दस्तावेजों को फिर से मूल स्वरूप में बदल दिया जाता था, जिससे धोखाधड़ी का पता लगाना मुश्किल हो जाता था।

पुलिस ने ऐसे कई आधार कार्ड बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए किया जा रहा था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि जामताड़ा से जुड़े अपराधी रांची और आसपास के इलाकों के युवाओं को साइबर ठगी की ट्रेनिंग दे रहे हैं। आसान कमाई का लालच देकर बेरोजगार युवाओं को गिरोह से जोड़ा जाता है। शुरुआत में उन्हें कॉल सेंटर, ऑनलाइन मार्केटिंग या बैंकिंग सहायता जैसे वैध काम का झांसा दिया जाता है, लेकिन बाद में उन्हें फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड, बैंक खाते किराये पर देने और अन्य साइबर अपराधों में शामिल कर लिया जाता है।गोंदा मामले में भी जांच के दौरान पता चला कि गिरफ्तार युवकों को जामताड़ा के अपराधियों ने साइबर ठगी की ट्रेनिंग दी थी।

इस पूरे नेटवर्क का कथित सरगना ‘निखिल भैया’ बताया जा रहा है, जो फिलहाल फरार है।पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। जिन लोगों के आधार कार्ड का इस्तेमाल कर बैंक खाते खोले गए हैं, उनकी भी जांच की जा रही है। यदि किसी व्यक्ति की संलिप्तता पाई जाती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।झारखंड में तेजी से फैल रहे इस साइबर नेटवर्क ने कानून-व्यवस्था के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है। पुलिस लोगों से अपने दस्तावेज किसी को न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को देने की अपील कर रही है।

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