रांची : नासिक (महाराष्ट्र) स्थित ‘टीसीएस’ (TCS) जैसी प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनी में अनेक हिंदू महिला कर्मचारियों के साथ हुए यौन शोषण, धर्मांतरण के लिए दबाव, जबरन गोमांस खिलाने और नमाज पढ़ने के लिए मजबूर करने की जो भयावह घटनाएं सामने आई हैं, वह केवल एक स्थान का मामला नहीं है। यह एक राष्ट्रव्यापी ‘कॉरपोरेट जिहाद’ का हिस्सा हो सकता है।
इस गंभीर विषय को लेकर हिंदू जनजागृति समिति के पूर्वोत्तर भारत राज्य समन्वयक शंभू गवारे ने सोमवार को विधि एवं न्याय मंत्री (स्वतंत्र) तथा केंद्रीय संस्कृति एवं संसदीय कार्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से भेंट की और उन्हें इस प्रकरण की जांच के लिए ज्ञापन सौंपा। इस समय केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, विश्व हिंदू परिषद के झारखंड राज्य अध्यक्ष चंद्रकांत रायपत तथा अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
इस अवसर पर प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि ‘यह विषय अत्यंत गंभीर है। मैं इस संदर्भ में देश के गृहमंत्री (अमित शाह) से स्वयं बात करूंगा’।
क्या है मामला
नासिक की कंपनी में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। वहां हिंदू युवतियों को प्रेम जाल (लव जिहाद) में फंसाना, उन पर मजहबी रीति-रिवाज थोपना और विरोध करने पर प्रताड़ित करने का संगठित तंत्र कार्यरत था। समिति का मानना है कि यह षड्यंत्र मुंबई, दिल्ली, रांची और धनबाद जैसे बड़े शहरों की आईटी और बहुराष्ट्रीय कंपनियों में भी फैला हो सकता है, जहां ‘स्लीपर सेल’ सक्रिय हो सकते हैं।
हिंदू जनजागृति समिति की प्रमुख मांगें
नासिक के इस ‘कॉरपोरेट जिहाद’ के तार देश के अन्य किन शहरों और कंपनियों से जुड़े हैं, इसकी एनआईए (NIA) या केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से गहन जांच हो। झारखंड सहित देश की सभी आईटी और बहुराष्ट्रीय कंपनियों का तत्काल ‘विशेष सुरक्षा एवं धार्मिक भेदभाव विरोधी ऑडिट’ करने का आदेश सरकार दे। जिस कंपनी में हिंदू महिलाओं की अस्मत सुरक्षित नहीं है और जहां ‘धार्मिक आतंक’ फैलाया जा रहा है, ऐसी कंपनियों का व्यवसायिक लाइसेंस रद्द कर उन्हें तत्काल बंद किया जाए।

