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नोएडा में स्थापित होगी दुनिया की सबसे ऊंची आदि योगी शिव प्रतिमा, नोएडा एयरपोर्ट के पास बनेगा आश्रम

तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित ईशा योग केंद्र में स्थापित 112 फीट ऊंची आदि योगी शिव प्रतिमा से दो गुना ऊंची होगी। तमिलनाडु में स्थित यह प्रतिमा पहले ही दुनिया की सबसे बड़ी शिव प्रतिमा मानी जाती है।

by Anurag Ranjan
नोएडा में स्थापित होगी दुनिया की सबसे ऊंची आदि योगी शिव प्रतिमा, नोएडा एयरपोर्ट के पास बनेगा आश्रम
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गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) : उत्तर प्रदेश के नोएडा में जल्द ही दुनिया की सबसे ऊंची शिव प्रतिमा स्थापित होने जा रही है। यह प्रतिमा 260 फीट ऊंची होगी और इसका नाम ‘आदि योगी शिव’ रखा जाएगा। यह प्रतिमा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास स्थापित की जाएगी, जो न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी एक महत्वपूर्ण स्थल बनेगा। आइए जानते हैं इस अद्भुत प्रतिमा और उसके विशेष महत्व के बारे में।

नोएडा में स्थापित होगी दुनिया की सबसे ऊंची आदि योगी शिव प्रतिमा, नोएडा एयरपोर्ट के पास बनेगा आश्रम

तमिलनाडु की प्रतिमा से दोगुनी ऊंची होगी नोएडा की शिव प्रतिमा

यह प्रतिमा तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित ईशा योग केंद्र में स्थापित 112 फीट ऊंची आदि योगी शिव प्रतिमा से दो गुना ऊंची होगी। तमिलनाडु में स्थित यह प्रतिमा पहले ही दुनिया की सबसे बड़ी शिव प्रतिमा मानी जाती है। अब, नोएडा में स्थापित होने वाली यह प्रतिमा इस रिकॉर्ड को और बढ़ा देगी। इसे बनाने का प्रस्ताव ईशा फाउंडेशन द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दिया गया था, और मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव पर अपनी सहमति दे दी है। हालांकि, एयरपोर्ट के पास इस प्रतिमा की स्थापना के लिए नागर विमानन मंत्रालय से भी मंजूरी लेना आवश्यक है। मौखिक सहमति मिलने के बाद अब लिखित अनुमोदन की प्रक्रिया जारी है।

ईशा फाउंडेशन और योगी सरकार के बीच हुई बातचीत

ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु जग्गी वासुदेव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच इस प्रस्ताव को लेकर पहले ही वार्ता हो चुकी है। ईशा फाउंडेशन ने नोएडा में एक बड़े आश्रम के लिए दो सौ एकड़ जमीन की मांग की है, जहां आदि योगी शिव की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। यह आश्रम नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास स्थित अमरपुर पलाका गांव में बनाया जाएगा। योगी सरकार ने यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों को इस मामले में मंत्रालय से बात करने का निर्देश दिया है, और मंत्रालय से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने के बाद इस परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।

आदि योगी शिव की प्रतिमा का महत्व

यह प्रतिमा केवल धार्मिक महत्व की नहीं होगी, बल्कि यह एक सांस्कृतिक धरोहर भी साबित होगी। 500 टन स्टील से बनी यह प्रतिमा दुनिया की सबसे बड़ी शिव प्रतिमा मानी जाएगी। इसका उद्देश्य लोगों में योग और आध्यात्मिक जागरूकता फैलाना है। इसे देखने के लिए दुनिया भर से श्रद्धालु और पर्यटक यहां आएंगे, जिससे ना सिर्फ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा।

गौतमबुद्ध नगर में पहले से स्थापित प्रमुख प्रतिमाएं

गौतम बुद्ध नगर जिले में पहले से कई प्रमुख प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं, जो धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से आकर्षण का केंद्र हैं। इनमें नोएडा फिल्म सिटी के सेक्टर-16A में स्थित भगवान शिव की विशाल प्रतिमा, सेक्टर-49 में भगवान हनुमान की प्रतिमा, सफीपुर मोक्ष धाम में स्थित 61 फीट ऊंची शिव प्रतिमा और गौर यमुना सिटी में स्थित कृष्ण प्रतिमा शामिल हैं। इन प्रतिमाओं ने क्षेत्र को एक अलग पहचान दी है और नोएडा को धार्मिक पर्यटन के हब के रूप में स्थापित किया है।

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