
रांची: झारखंड की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ तीखी और आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को कांग्रेस पार्टी ने आखिरकार तीन साल के लिए प्राथमिक सदस्यता से बर्खास्त कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने इस अनुशासनहीनता पर कड़ा रुख अपनाते हुए तत्काल प्रभाव से यह बड़ा फैसला लिया है।
नोटिस, सुनवाई और फिर कड़ी कार्रवाई
प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि योगेंद्र साव के बयानों को पार्टी ने बेहद गंभीरता से लिया था। गठबंधन सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ लगातार विवादित बयानबाजी करने पर उन्हें पिछले महीने 20 सितंबर को कारण बताओ नोटिस भेजा गया था। इसके बाद 26 सितंबर को उनकी व्यक्तिगत सुनवाई हुई और अनुशासन समिति की रिपोर्ट की गहन समीक्षा करने के बाद पार्टी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखाने का निर्णय लिया।
पहले भी जा चुकी है सदस्यता
यह पहला मौका नहीं है जब योगेंद्र साव पर अनुशासन का डंडा चला हो। इससे पहले इसी साल 20 मार्च को भी उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण निष्कासित किया गया था। हालांकि, तब उन्होंने अपनी गलती मानते हुए भविष्य में अनुशासन में रहने का भरोसा दिलाया था और खेद जताया था, जिसके बाद 25 जून को उनका निलंबन वापस ले लिया गया था। लेकिन, एक बार फिर पार्टी के निर्देशों की अनदेखी करते हुए उनके द्वारा दिए गए बयानों ने इस पुरानी राहत पर पानी फेर दिया।
पिछले दिनों हजारीबाग में जमीन के एक मामले और प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान योगेंद्र साव की एक अंचल अधिकारी (CO) के साथ तीखी झड़प हो गई थी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया था, जिसमें वह सीधे तौर पर मुख्यमंत्री पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते दिखाई दिए थे। इस वीडियो के सामने आने के बाद सत्ताधारी गठबंधन के प्रमुख दल झारखंड मुक्ति मोर्चा ने कड़ी आपत्ति जताई थी और कांग्रेस से अपने नेता पर सख्त कार्रवाई की मांग की थी, जिसके बाद से ही इस कार्रवाई के कयास लगाए जा रहे थे।

