
रांची: लोहरदगा जिले की माटी ने एक बार फिर देश का नाम रोशन करने वाला सितारा दिया है। यहां की प्रतिभावान पारा बैडमिंटन खिलाड़ी संजना कुमारी अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का मान बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
जापान के आइची-नागोया प्रांत में 18 से 24 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित एशियाई पैरा गेम्स 2026 में संजना देश का प्रतिनिधित्व करेंगी। इस बड़ी प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए वह मंगलवार को जापान के सफर पर निकल पड़ी हैं।
झारखंड से बैडमिंटन के इस बड़े मंच पर चयन होना पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है।
मौजूदा समय में संजना दुनिया की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों की सूची में 13वें स्थान पर हैं। वह इस महामुकाबले में एसएल 3 श्रेणी के एकल वर्ग में कोर्ट पर उतरेंगी और अपने खेल का जौहर दिखाएंगी। इस मुकाम तक पहुंचना उनके कड़े संघर्ष और अटूट संकल्प को बयां करता है।
संजना ने इस सफलता के लिए लखनऊ के प्रसिद्ध बैडमिंटन ट्रेनिंग सेंटर में पसीना बहाया है। वहां उन्होंने जाने-माने कोच गौरव खन्ना के मार्गदर्शन में पिछले पांच सालों तक बेहद कठिन अभ्यास किया है। दिन-रात की मेहनत और पक्के इरादे के साथ वह लगातार अपनी तैयारियों को धार देती रही हैं, ताकि देश के लिए मेडल जीत सकें।
झारखंड सरकार से अब तक नहीं मिला कोई प्रोत्साहन
हालांकि, इस शानदार उपलब्धि के बीच एक टीस भी है। संजना के पिता रतन कुमार ने साझा किया कि इस मुकाम पर पहुंचने के बावजूद उनकी बेटी को अब तक झारखंड सरकार की तरफ से किसी तरह की आर्थिक मदद या प्रोत्साहन नहीं मिल सका है। एक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व करना किसी भी खिलाड़ी के लिए उसकी कड़ी मेहनत का सबसे बड़ा सबूत होता है। ऐसे में यह बेहद जरूरी है कि प्रतिभावान खिलाड़ियों को शासन-प्रशासन की ओर से भरपूर आर्थिक सहयोग और प्रोत्साहन मिले, ताकि वे बिना किसी आर्थिक चिंता के केवल अपने खेल पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
इसके साथ ही, पैरा खिलाड़ियों के सुनहरे भविष्य और हौसला-अफजाई के लिए
उन्हें उचित रोजगार के अवसर मुहैया कराना भी बेहद आवश्यक है।
लोहरदगा की इस होनहार बेटी की यह उड़ान यह साबित करती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो हर बाधा को पार किया जा सकता है। पूरा देश और झारखंड राज्य संजना से बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद लगाए बैठा है।
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