जमशेदपुर : जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से एनडीए प्रत्याशी सरयू राय के समर्थक निमाई अग्रवाल उर्फ गिच्चू को सोमवार देर रात कदमा पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने से हंगामा खड़ा हो गया। गिच्चू की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही सरयू राय के सैकड़ों समर्थक कदमा थाना पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। स्थिति तब शांत हुई, जब सरयू राय ने वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से बातचीत की, जिसके बाद गिच्चू को रिहा कर दिया गया।
रात 12:45 बजे पुलिस पहुंची घर
रात करीब 12:45 बजे पुलिस गिच्चू के घर पहुंची और उन्हें कदमा थाना आने के लिए कहा। पुलिस ने गिच्चू से कहा कि उन्हें डीएसपी साहब से बात करनी है। जब गिच्चू ने रात में बुलाए जाने का कारण पूछा, तो पुलिस ने उनसे चुपचाप आने को कहा और धमकी दी कि मना करने पर उन्हें बलपूर्वक ले जाया जाएगा। गिच्चू की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही उनकी पत्नी और सरयू राय के समर्थक कदमा थाना पहुंचे, लेकिन गिच्चू वहां मौजूद नहीं थे। पुलिस ने प्रारंभ में गिरफ्तारी की बात से इनकार किया, लेकिन दबाव बढ़ने पर उन्होंने खुलासा किया कि गिच्चू को सोनारी थाना में रखा गया है।
सरयू राय ने किया हस्तक्षेप
रात करीब तीन बजे सरयू राय को घटना की जानकारी दी गई। वे तुरंत कदमा थाना पहुंचे और डीएसपी से गिच्चू के बारे में पूछा। डीएसपी ने बताया कि गिच्चू को सोनारी थाना में रखा गया है। सरयू राय ने डीएसपी से गिच्चू को कदमा थाना में वापस लाने की मांग की और जब तक ऐसा नहीं किया गया, समर्थकों ने घेराव जारी रखने की चेतावनी दी। स्थिति का समाधान न होता देख सरयू राय ने एसएसपी से संपर्क किया, जिसके बाद गिच्चू को पीआर बॉन्ड पर रिहा करने का आदेश दिया गया। कार्यकर्ताओं ने कदमा थाना में ही गिच्चू की रिहाई की मांग की, और अंततः गिच्चू को वहां लाकर छोड़ा गया।
रिहाई के बाद मंदिर में की पूजा
रिहाई के बाद समर्थकों का हुजूम सुबह पांच बजे रंकिणी मंदिर पहुंचा, जहां सभी ने मां काली के दर्शन किए। मंगलवार को निमाई अग्रवाल का जन्मदिन था, और समर्थकों ने मंदिर में उनका जन्मदिन मनाया। इस बीच, सरयू राय ने इस घटना को लेकर जमशेदपुर की जनता से अपील की कि वे 13 नवंबर को निर्भीक होकर मतदान करें। उन्होंने चेतावनी दी कि चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की धमकी का कड़ा विरोध किया जाएगा।
पुलिस पर लगाया आरोप
सरयू राय ने चुनाव आयोग को पत्र लिखते हुए आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन कांग्रेस प्रत्याशी बन्ना गुप्ता के पक्ष में काम कर रहे हैं, और यह घटना उसी का हिस्सा है। उन्होंने निष्पक्ष और निर्भीक चुनाव सुनिश्चित कराने के लिए केंद्रीय पुलिस बल की तैनाती की मांग की।

