
रांची : झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 के परिणामों ने एक बार फिर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार पर जनता का भरोसा दिखाया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने 34 सीटों पर जीत हासिल की है, वहीं कांग्रेस को 16 सीटें मिली हैं। इसके साथ ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) को 20 सीटों पर संतोष करना पड़ा है। इस परिणाम के बाद हेमंत सोरेन ने सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए 26 नवंबर को राज्यपाल से मुलाकात की तैयारी की है।
रविवार 24 नवंबर को कांग्रेस विधायक दल की बैठक रांची में आयोजित की जाएगी, जिसमें गठबंधन सरकार के गठन को लेकर चर्चा की जाएगी। बैठक में कांग्रेस के ऑब्जर्वर पहले ही रांची पहुंच चुके हैं। बैठक का प्रमुख उद्देश्य यह है कि नई सरकार में कांग्रेस की हिस्सेदारी को लेकर विचार-विमर्श किया जाए। इस बैठक के बाद कांग्रेस नेता सीएम हेमंत सोरेन से मुलाकात करेंगे और दोनों दलों के बीच गठबंधन सरकार के गठन की रूपरेखा तय की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार इस बैठक में यह भी तय किया जाएगा कि कांग्रेस पार्टी की महागठबंधन में अपने भविष्य की भूमिका क्या होगी। इसके बाद हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में महागठबंधन के नव निर्वाचित विधायकों की बैठक भी होगी, जिसमें हेमंत सोरेन को विधायक दल का नेता चुना जाएगा। इसके बाद, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन महागठबंधन के सहयोगी दलों के साथ राज्यपाल से मिलकर इस्तीफा सौंप देंगे और नई सरकार बनाने का औपचारिक दावा पेश करेंगे।
हालांकि, इस बैठक से पहले ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कांग्रेस के साथ सरकार गठन के मसले पर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व में उठे डिप्टी सीएम के पद को लेकर मांगों को नकारते हुए कहा कि जो व्यवस्था पहले थी, वही जारी रहेगी। हेमंत सोरेन ने साफ तौर पर कहा कि कांग्रेस को नई-नई मांगें पेश करने की जरूरत नहीं है और सरकार पहले जैसी ही मजबूत रहेगी। यह टिप्पणी मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुबोधकांत सहाय द्वारा डिप्टी सीएम पद की मांग उठाए जाने के बाद की थी।
चुनाव परिणामों के बाद कांग्रेस के भीतर डिप्टी सीएम के पद को लेकर चर्चा तेज हो गई थी, लेकिन हेमंत सोरेन ने इसे सिरे से नकारते हुए कांग्रेस को पुराने ढंग से ही सरकार में सहयोगी पार्टी के रूप में रहने की बात कही। यह घटनाक्रम कांग्रेस और JMM के बीच भविष्य में सरकार के गठन के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश तय करेगा।

