रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के खिलाफ संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा (CGL) 2023 के परिणामों को लेकर छात्रों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। 15 दिसंबर को हजारों छात्र JSSC कार्यालय, नामकुम के बाहर प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं। इस विरोध प्रदर्शन को देखते हुए रांची पुलिस और प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा तैयारियां की हैं।
छात्रों की मुख्य मांग: परीक्षा परिणाम रद्द करने की अपील
CGL 2023 के परिणामों में कथित अनियमितताओं के चलते छात्रों ने परीक्षा परिणाम रद्द करने की मांग की है। आंदोलन के आयोजकों का दावा है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और अन्य विसंगतियां सामने आई हैं, जिससे छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
4000-5000 छात्रों के जुटने की संभावना
झारखंड पुलिस की स्पेशल ब्रांच की रिपोर्ट के अनुसार, रांची, हजारीबाग, धनबाद, बोकारो, गिरिडीह, जमशेदपुर, दुमका, पलामू और गढ़वा जैसे जिलों से करीब 4000-5000 छात्रों के इस प्रदर्शन में शामिल होने की संभावना है। विरोध प्रदर्शन को विभिन्न छात्र संगठनों और प्रमुख विपक्षी दलों का समर्थन भी मिल रहा है।
रांची पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा
प्रदर्शन के मद्देनज़र रांची पुलिस ने JSSC कार्यालय के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। नामकुम थाना क्षेत्र में बैरिकेडिंग लगाई गई है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलों को जारी किए गए सतर्कता निर्देश
स्पेशल ब्रांच की ओर से सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को अलर्ट जारी किया गया है। निर्देश दिए गए हैं कि 14 दिसंबर की रात से ही रांची आने वाले छात्रों पर कड़ी नजर रखी जाए। इसके साथ ही प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर थाना क्षेत्र में विशेष निगरानी सुनिश्चित की जा रही है।
छात्रों के समर्थन में विपक्षी दल
इस विरोध प्रदर्शन को राजनीतिक रंग भी मिलता दिखाई दे रहा है। झारखंड के प्रमुख विपक्षी दलों ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए JSSC पर जवाबदेही तय करने की मांग की है।
प्रशासन की अपील: शांतिपूर्ण प्रदर्शन करें
प्रशासन ने छात्रों से अपील की है कि वे प्रदर्शन के दौरान शांति बनाए रखें और किसी भी प्रकार की हिंसा या कानून-व्यवस्था में बाधा न डालें।
क्यों बना है CGL 2023 का परिणाम विवाद का केंद्र?
CGL 2023 परीक्षा के परिणाम को लेकर छात्रों में यह आशंका है कि नियुक्ति प्रक्रिया में निष्पक्षता का पालन नहीं किया गया। आरोप लगाए जा रहे हैं कि परिणाम तैयार करने में मानकों की अनदेखी की गई है।
झारखंड में यह प्रदर्शन एक बड़ा मुद्दा बन चुका है और प्रशासन के लिए चुनौती भी। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि छात्रों की यह आवाज कितनी असरदार साबित होती है।
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