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एयर क्वालिटी के गिरते स्तर के मामले में दिल्ली को टक्कर दे रहा है बिहार, जानें कितनी जहरीली हो चुकी है हवा…

दिल्ली में प्रदूषण का स्तर काफी खतरनाक होने के साथ ही अब बिहार में भी प्रदूषण की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राजधानी पटना सहित अन्य जिलों में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है।

by Rakesh Pandey
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पटना : दिल्ली की प्रदूषण स्थिति पर अक्सर चर्चा होती है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बिहार की हवा भी दिल्ली से कहीं अधिक जहरीली हो सकती है? सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) की रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर 2024 में दिल्ली को सबसे प्रदूषित शहर के रूप में दर्ज किया गया था। फिलहाल, 18 दिसंबर की सुबह 9 बजे दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 450 के पार पहुंच चुका था, जो वाकई चिंता का विषय है। हालांकि, इस बार पटना और बिहार के अन्य शहरों में भी प्रदूषण का स्तर दिल्ली से किसी मायने में कम नहीं है।

बिहार का प्रदूषण: दिल्ली को भी पीछे छोड़ा

बिहार में प्रदूषण का स्तर कभी-कभी दिल्ली से भी ऊपर चला जाता है। 10 दिसंबर 2024 को बिहार में प्रदूषण का स्तर दिल्ली से कहीं अधिक था। उस दिन दिल्ली का AQI 229 से 232 के बीच था, जबकि बिहार में यह 300 के पार पहुंच चुका था। पटना के राजा बाजार में AQI 309 तक दर्ज किया गया था। हालांकि, अब दिल्ली ने एक बार फिर बिहार को पछाड़ते हुए प्रदूषण के स्तर में बढ़त हासिल कर ली है, लेकिन यह केवल अस्थायी स्थिति हो सकती है।

दिल्ली का प्रदूषण स्थिति: AQI 400 के पार

दिल्ली में प्रदूषण का स्तर काफी खतरनाक हो चुका है। राजधानी के प्रमुख इलाकों में AQI 400 के पार चला गया है। दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में यह स्थिति काफी गंभीर है:

अलीपपुर – AQI 462
आनंद विहार – AQI 482
अशोक विहार – AQI 457
आया नगर – AQI 412
बवाना – AQI 454
चांदनी चौक – AQI 376
डीटीयू (दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय) – AQI 430
रोहिणी – AQI 464
इनकम टैक्स कार्यालय – AQI 461
दिल्ली के लोग इस समय जहरीली हवा में सांस ले रहे हैं, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक हानिकारक है।

बिहार में प्रदूषण का बढ़ता स्तर

बिहार में भी प्रदूषण की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राजधानी पटना सहित अन्य जिलों में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। पटना के इको पार्क में AQI 290 दर्ज किया गया, जबकि राजा बाजार और गांधी मैदान क्षेत्र में AQI 295 और 309 तक पहुंच गया है। इसके अलावा, वैशाली, सासाराम, सुपौल, भागलपुर, बिहार शरीफ, और मुजफ्फरपुर जैसे शहरों में भी प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है।

मुजफ्फरपुर का प्रदूषण स्तर गंभीर

पटना के साथ-साथ मुजफ्फरपुर में भी प्रदूषण का स्तर अधिक बढ़ गया है। मुजफ्फरपुर के बुद्धा कॉलोनी में AQI 310 तक पहुंच गया, जो बहुत ही चिंताजनक है।

पटना में सुबह 9 बजे की AQI रिपोर्ट इस प्रकार है:

समनपुरा – AQI 289
दानापुर – AQI 266
मुरादपुर – AQI 218
गया – AQI 215
बेगूसराय – AQI 235

यह साफ तौर पर दर्शाता है कि मुजफ्फरपुर का प्रदूषण स्तर पटना से कहीं अधिक हो गया है, जो स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

हवा में धूलकण की अधिकता: प्रदूषण का प्रमुख कारण

बिहार प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अनुसार, पटना में हवा में धूलकण की मात्रा मानक से तीन गुना अधिक पाई गई है। यही कारण है कि प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। खासकर सुबह के समय प्रदूषण का स्तर ज्यादा बढ़ जाता है, जबकि धूप निकलने के बाद इसमें कुछ कमी देखी जाती है। फिर भी, यह अस्थायी होता है और शाम होते-होते प्रदूषण की स्थिति फिर से खराब हो जाती है।

वाटर फॉगिंग का प्रयास: असर सीमित

पटना नगर निगम (Patna Municipal Corporation) द्वारा प्रदूषण की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वाटर फॉगिंग का उपाय अपनाया जा रहा है, लेकिन इसका असर सीमित ही नजर आ रहा है। इस उपाय से कुछ हद तक प्रदूषण कम करने में मदद मिलती है, लेकिन यह पूरी तरह से समस्या का हल नहीं है। प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए अन्य ठोस कदमों की आवश्यकता है, जैसे कि वाहन प्रदूषण को कम करना, निर्माण कार्यों पर कड़ी निगरानी रखना, और हरे-भरे क्षेत्रों को बढ़ावा देना।

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