सेंट्रल डेस्क: नाना पाटेकर अपनी आने वाली फिल्म वनवास के लिए तैयार हैं। इस इमोशनल ड्रामा से भरी फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग संसद भवन में भी रखी गई है। इसकी जानकारी एक फेसबुक पोस्ट के जरिए अभिनेता पारितोष त्रिपाठी ने दी। पारितोष ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘वनवास की स्क्रीनिंग संसद भवन में, जय हो’
इस फिल्म को अनिल शर्मा ने डायरेक्ट किया है। इस फिल्म में लीड रोल में उत्कर्ष शर्मा और सिमरत कौर हैं। फिल्म को लेकर लोगों में काफी एक्साइटमेंट है और सभी इस दिलचस्प कहानी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। खबरों के अनुसार, इससे पहले फिल्म के मेकर्स ने बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान के लिए रिलीज से पहले एक स्पेशल स्क्रीनिंग प्लान की थी। ये स्क्रीनिंग मुंबई में 20 दिसंबर को हुई थी।
फिल्म के डायरेक्टर अनिल शर्मा ने कहा
जब मुझे संसद भवन से फोन आया कि संसद भवन में वनवास की स्क्रीनिंग रखना चाहते है और इसमें वे सभी गणमान्य व्यक्तियों के परिवारों को भी आमंत्रित करना चाहते है, तो यह मेरे लिए बहुत सम्मान की बात है। वनवास एक पारिवारिक फिल्सम है, जिसे सभी आयुवर्भीग के दर्शक देख सकते है। संसद भवन में फिल्म के दो-तीन शो रखे जाएंगे।
फिल्म एक टाइमलेस एपिक को नए तरीके से पेश करती है
फिल्म से जुड़े एक सूत्र ने बताया, “नाना और आमिर खान के बीच काफी अच्छी बॉन्डिंग है। बता दें कि वनवास एक इमोशनल कहानी है जो परिवार, सम्मान और खुद को अपनाने की राह को दिखाती है। ये फिल्म एक टाइमलेस एपिक को नए तरीके से पेश करती है, जहां बच्चों द्वारा अपने माता-पिता को वनवास देने के दर्द को दिखाया गया है। इसकी कहानी आज के दर्शकों से गहराई से जुड़ती है।
खून के ही नहीं, प्यार व एक-दूसरे को अपनाने से बनते है रिश्ते
अनिल शर्मा द्वारा डायरेक्ट, प्रोड्यूस और लिखी गई ये फिल्म परिवारिक रिश्तों को नए तरीके से दिखाती है। इसमें बताया गया है कि असली रिश्ते सिर्फ खून के नहीं होते, बल्कि प्यार और एक-दूसरे को अपनाने से बनते हैं। कहानी आज के समय के हिसाब से एक मजबूत और नई सोच पेश करती है।
फिल्म एक कहानी नहीं है, यह भावनाओं का एक रिफ्लेक्शन है
इस फिल्म के बारे में दिग्गज अभिनेता और फिल्म के लीड एक्टर नाना पाटेकर कहते है कि यह सिर्फ एक कहानी नहीं है, यह भावनाओं का एक रिफ्लेक्शन है। उन्होंने कहा कि इस फिल्म के कैरेक्टर को प्ले करना अपने भीतर के परिवार, ऑनर और समझ की परतों को खुरेदने जैसा है। यह एक ऐसी फिल्म है, जो अंतरात्मा से बात करती है। फिल्म दुनियाभर के पारिवारिक युनिवर्सल डायनेमिक को दर्शाती है।

