नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह आशा जताई है कि वर्ष 2030 से पहले भारत 9 लाख करोड़ रुपये के कपड़ा निर्यात के लक्ष्य को पूरा कर लेगा। इस वर्ष के आम बजट में भी अतिरिक्त लंबे रेशे वाली किस्मों के कपास उत्पादन के लिए 5 वर्षों के कपास मिशन की घोषणा की गई है। पीएम मोदी ने कहा कि अभी हम कपड़ों एवं परिधानों के निर्यात में विश्व में छठे स्थान पर हैं। यह सभी बातें पीएम मोदी ने भारत मंडपम में आयोजित ‘भारत टेक्स 2025, समारोह के दौरान कहीं।
अभी ₹ 3 लाख करोड़ का निर्यात
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में ‘भारत टेक्स, 2025’ के अपने संबोधन में कहा कि ‘अभी हम कपड़ों एवं परिधानों के निर्यात में विश्व में छठे स्थान पर है, जो लगभग 3 लाख करोड़ रुपये का है। हमारा लक्ष्य इस आंकड़े को तीन गुना करके निर्यात को 9 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का है। इस सफलता का श्रेय कठिन परिश्रम और पिछले एक दशक में लागू सतत नीतियों को है जिसके कारण इस अवधि में कपड़ा क्षेत्र में विदेशी निवेश दोगुना हो गया है। जिस तरह काम किया जा रहा है, मुझे लगता है कि हम इस लक्ष्य को 2030 की समय सीमा से पहले हासिल कर लेंगे।’
उद्योग के संसाधनों पर पीएम ने क्या कहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह आशा जताई है कि भारत का कपड़ा रीसाइकलिंग बाजार आगामी वर्षों में 40 करोड डॉलर तक पहुंच सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने उद्योग के लिए संसाधनों का अधिकतम उपयोग और न्यूनतम वेस्ट की आवश्यकता की बात कही। पीएम मोदी के अनुसार वर्ष 2030 तक वैश्विक फैशन वेस्ट के 14.8 करोड़ टन तक पहुंचने की आशंका है। पीएम मोदी ने हथकरघा इंडस्ट्री के GI टैग से होने वाले लाभ पर भी जोर दिया।

