
पटना : बिहार में एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है, इस बार कारण बना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कथित राष्ट्रगान अपमान। शुक्रवार को, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और अन्य विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों—विधानसभा और विधान परिषद में विरोध प्रदर्शन किया। विपक्ष ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से माफी मांगने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने कुमार और उनकी एनडीए सहयोगी पार्टी बीजेपी के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की।
विपक्ष ने कहा- नीतीश कुमार से बड़ा देशद्रोही कोई नहीं
इस पूरे मामले पर जदयू और बिहार सरकार की ओर से भी प्रतिक्रिया आई है। बिहार के मंत्री और वरिष्ठ जदयू नेता अशोक चौधरी ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष के पास अब कोई मुद्दा नहीं बचा है, और इसी कारण वे नीतीश कुमार को बदनाम करने के लिए ऐसे मुद्दों का सहारा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की ईमानदारी और उनकी प्रतिबद्धता पर कभी सवाल नहीं उठाया गया है, लेकिन अब विपक्ष ने राष्ट्रगान को लेकर जो मुद्दा उठाया है, उससे लगता है कि नीतीश कुमार से बड़ा देशद्रोही कोई नहीं है।
यह भी कहा कि कई बार अनजाने में इस तरह की घटनाएं हो जाती हैं और विपक्ष सिर्फ मुख्यमंत्री को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है।
राबड़ी देवी ने नीतीश को मानसिक रूप से स्थिर नहीं होने का आरोप लगाया
इस मामले पर आरजेडी नेता और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने भी तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को दोनों सदनों में माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि राष्ट्रगान का अपमान किया गया है।
राबड़ी देवी ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री मानसिक रूप से स्थिर नहीं हैं और उन्हें अपनी जिम्मेदारी से मुक्त होकर अपने बेटे को मुख्यमंत्री बनाना चाहिए। उनका कहना था कि इस मामले में कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, क्योंकि राष्ट्रगान का अपमान एक गंभीर अपराध है और इसके लिए तीन साल की सजा का प्रावधान है।
तेजस्वी यादव का भी कड़ा बयान
आरजेडी नेता और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने भी इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, “यह भारतीय राजनीति के इतिहास में पहली बार हुआ है कि किसी मुख्यमंत्री ने राष्ट्रगान का अपमान किया है, और मुझे एक बिहारी होने के नाते शर्म आ रही है।” तेजस्वी ने आगे कहा कि नीतीश कुमार को अपनी गलती के लिए देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए और उन्हें रिटायर हो जाना चाहिए।
विरोध-प्रदर्शन और कानूनन कार्रवाई की मांग
विरोध-प्रदर्शन के दौरान, विपक्षी विधायक और एमएलसी ने बिहार विधानमंडल में “राष्ट्रगान का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान” के नारे लगाए। इसके कारण सदन की कार्यवाही कुछ ही मिनटों में स्थगित करनी पड़ी। आरजेडी विधायक मुकेश कुमार यादव ने कहा, “बिहार की जनता का दुर्भाग्य है कि उनके मुख्यमंत्री अब बेहोश हो गए हैं और सदन में चर्चा नहीं करवा पा रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए।”
सरकार ने मामले को लेकर दी सफाई
हालांकि, बिहार सरकार की ओर से इस मामले में सफाई दी गई है। जदयू और सरकार का कहना है कि इस विवाद को लेकर किसी भी प्रकार का दुर्भावना या जानबूझकर कोई गलत इरादा नहीं था। सरकार ने इस आरोप को बेबुनियाद बताया और विपक्ष के इस मुद्दे को राजनीति से प्रेरित करार दिया।

