आज़मगढ़ (उत्तर प्रदेश) : आज़मगढ़ जिले के तरवां थाने में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां छेड़खानी के एक आरोपी ने थाने के शौचालय में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और मृतक के परिजनों ने पुलिस पर हत्या का आरोप लगाते हुए न्याय की मांग की है।
क्या है मामला?
उमरी गांव के निवासी शनि कुमार को छेड़खानी के आरोप में पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, शनि कुमार ने देर रात शौचालय जाने की इच्छा जताई, जिसके बाद उसे शौचालय में जाने की अनुमति दी गई। हालांकि, काफी देर तक बाहर न आने पर पुलिस ने दरवाजा तोड़ा, तो शनि कुमार का शव अंदर लटका हुआ पाया गया।
परिजनों का आरोप और विरोध-प्रदर्शन
शनि कुमार की मौत की खबर फैलते ही, परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने पुलिस पर हत्या का आरोप लगाते हुए थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों का कहना है कि शनि कुमार आत्महत्या नहीं कर सकता, और पुलिस ने उसे प्रताड़ित करके मारा है। उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस का बयान और जांच
एसपी सिटी शैलेंद्र लाल ने बताया कि शनि कुमार को छेड़खानी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और उसने शौचालय में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना पुलिस की लापरवाही और जवाबदेही पर गंभीर सवाल है। परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने शनि कुमार को प्रताड़ित किया, जिससे उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाया।

