कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ संशोधन अधिनियम के विरोध में भड़की हिंसा की गंभीरता को देखते हुए राज्य पुलिस ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। इस SIT में खुफिया ब्यूरो (IB), विशेष कार्यबल (STF) और आपराधिक अन्वेषण विभाग (CID) के अधिकारी शामिल किए गए हैं। इस संबंध में बुधवार को अधिकारियों ने जानकारी दी।
हिंसा की जांच करने वाली 9 सदस्यीय SIT टीम को निर्देश दिया गया है कि वे 17 अप्रैल, दोपहर 12 बजे तक अपनी रिपोर्टिंग करें। इस टीम में एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (इंटेलिजेंस ब्रांच), दो उप अधीक्षक (DSP) समेत अन्य अनुभवी अधिकारी शामिल होंगे। टीम का गठन हिंसा की निष्पक्ष और गहन जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है।
वक्फ संशोधन अधिनियम के विरोध में भड़की हिंसा
पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा पारित वक्फ संशोधन अधिनियम के विरोध में मुर्शिदाबाद जिले में व्यापक प्रदर्शन और हिंसा हुई थी। प्रदर्शनकारियों ने हिंसक रूप धारण करते हुए हिंदू समुदाय के घरों और दुकानों पर हमला कर दिया। कई दुकानों को आग के हवाले कर दिया गया। इस हिंसा में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है।
500 हिंदू परिवारों का पलायन
हिंसा के बाद जिले में भय का माहौल बना हुआ है। प्रशासन के अनुसार, करीब 500 हिंदू परिवार उपद्रवियों के डर से अपने घर छोड़कर अन्य सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। कई परिवार अस्थायी शिविरों और अपने रिश्तेदारों के यहां शरण लिए हुए हैं।
BSF जवानों पर भी हुआ हमला
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए हिंसा प्रभावित इलाकों में सीमा सुरक्षा बल (BSF) को तैनात किया गया है। हालांकि, शांति बहाली में लगे BSF जवानों पर भी उपद्रवियों ने गोलीबारी की, जिससे हालात और तनावपूर्ण हो गए।
प्रशासन सतर्क, शांति बहाली की कोशिशें जारी
घटनास्थल पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है और प्रशासन शांति बहाल करने के प्रयास में जुटा हुआ है। अधिकारी लगातार क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं और लोगों से संयम बनाए रखने की अपील कर रहे हैं। SIT की जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और कानून व्यवस्था को बहाल करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

