New Delhi/Patna: बिहार में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज़ हो गई हैं। महागठबंधन की पहली बैठक के बाद अब एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) में भी सीटों के बंटवारे को लेकर हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में आज मंगलवार, 22 अप्रैल को हम (हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा) के संरक्षक और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे।
अमित शाह से मिलेंगे जीतन राम मांझी, सीटों पर स्पष्टता की मांग
मुलाकात दिल्ली स्थित अमित शाह के सरकारी आवास पर शाम को होने वाली है। जानकारी के मुताबिक, जीतन राम मांझी एनडीए में सीट शेयरिंग को लेकर स्पष्टता चाहते हैं। बताया जा रहा है कि हम पार्टी इस बार 35 से 40 विधानसभा सीटों पर अपना दावा पेश कर रही है। इससे पहले ही मांझी ने कुछ सीटों पर अपने संभावित प्रत्याशियों की घोषणा भी कर दी है।
NDA घटक दलों में बढ़ी बेचैनी, सीट शेयरिंग फॉर्मूले पर टिकी निगाहें
मांझी की अमित शाह से इस एकल मुलाकात के बाद एनडीए के अन्य घटक दलों– जेडीयू (जनता दल यूनाइटेड), लोजपा-रामविलास (लोक जनशक्ति पार्टी-रामविलास), रालोमो (राष्ट्रीय लोक जनशक्ति मोर्चा) के बीच बेचैनी बढ़ गई है। एनडीए में इस बार कुल पांच घटक दल हैं, जिनमें से हर एक अधिक से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ना चाहता है।
एनडीए में सीटों के बंटवारे का फॉर्मूला फिलहाल स्पष्ट नहीं है, लेकिन माना जा रहा है कि बीजेपी और जेडीयू इस प्रक्रिया में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में जीतन राम मांझी द्वारा अमित शाह से सीधे संपर्क साधना इस ओर इशारा करता है कि हम पार्टी अपनी मांगों को लेकर गंभीर है।
पिछली बैठक में नहीं बनी सहमति, सभी दलों ने ठोका था अपना दावा
गौरतलब है कि पिछले महीने पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास पर बिहार एनडीए की एक बड़ी बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में अमित शाह की मौजूदगी में लोजपा-रामविलास के चिराग पासवान, हम के जीतन राम मांझी और रालोमो के उपेंद्र कुशवाहा सहित जेडीयू के वरिष्ठ नेता शामिल हुए थे।
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में आगामी चुनावों की रणनीति और सीटों के बंटवारे को लेकर चर्चा की गई थी, लेकिन किसी ठोस सहमति पर पहुंचा नहीं जा सका। तीनों छोटे दलों हम, लोजपा-रामविलास और रालोमो ने अपनी-अपनी सीटों पर खुलकर दावा पेश किया था।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में सीट शेयरिंग बना सबसे बड़ा मुद्दा
बिहार में इस बार के विधानसभा चुनाव में सीट शेयरिंग एक निर्णायक मुद्दा बनता जा रहा है। जहां महागठबंधन में बातचीत की शुरुआत हो चुकी है, वहीं एनडीए में अब भी तस्वीर साफ नहीं हो पाई है। जीतन राम मांझी की आज होने वाली अहम मुलाकात पर सभी राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हैं। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद बिहार एनडीए की चुनावी दिशा और रणनीति को लेकर कई अहम संकेत मिल सकते हैं।

