लखनऊ : उत्तर प्रदेश की लोक गायिका नेहा सिंह राठौर के खिलाफ हजरतगंज थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए एक कथित आपत्तिजनक पोस्ट से जुड़ा है।
नेहा सिंह राठौर ने हमले के बाद अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर लिखा था,”देश की ज़मीन पर जवानों का लहू बह रहा है और सत्ता में बैठे लोग जश्न मना रहे हैं। क्या यही है ‘नया भारत’?”उनके इस ट्वीट को कई यूजर्स और संगठनों ने शहीद जवानों के बलिदान का अपमान करार दिया, जिसके बाद भारी विरोध शुरू हो गया।
रिपोर्ट के अनुसार, लखनऊ के गुडंबा वुडलैंड पैराडाइज निवासी कवि अभय प्रताप सिंह उर्फ अभय सिंह निर्भीक ने नेहा सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि नेहा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक ऐसा कमेंट पोस्ट किया जिससे राष्ट्रीय एकता, साम्प्रदायिक सौहार्द और शांति व्यवस्था को ठेस पहुंची है।
क्या था नेहा सिंह राठौर का बयान?
नेहा सिंह राठौर का बयान सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है, खासकर X (पूर्व ट्विटर) पर। उन्होंने वीडियो में कहा कि एक फोन कॉल से विदेशों में युद्ध रुकवाने वाली भारतीय सरकार अपने देश में आतंकवादी हमले नहीं रोक पाई। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर आतंकवादी हमले में भारतीय नागरिक मारे जा रहे हैं, तो ऐसे गंभीर मुद्दों पर राजनीति क्यों नहीं होनी चाहिए। उनके अनुसार, अगर यह हमला मोदी सरकार के तहत हुआ है, तो क्या हमें जिन्ना और नेहरू से सवाल पूछने चाहिए?
उनका बयान और यह भी दावा किया गया कि कुछ दिनों में बिहार चुनाव की तैयारियां शुरू हो जाएंगी, और अंधभक्त इस पर सोशल मीडिया रील्स शेयर करेंगे। इस बयान को पाकिस्तान के सोशल मीडिया पर भी शेयर किया गया, जिसके बाद नेहा के खिलाफ प्रतिक्रियाएं आने लगीं। कुछ लोग कह रहे हैं कि इस तरह के बयान से देश की एकता को नुकसान हो सकता है और इसे पाकिस्तान अपनी फूट डालने की रणनीति के रूप में इस्तेमाल कर सकता है। वहीं कुछ का मानना है कि नेहा खुद अपनी पॉपुलैरिटी और फायदे के लिए इस तरह की बयानबाजी कर रही हैं।
पोस्ट को लेकर आईटी एक्ट समेत कई धाराओं में केस दर्ज
एसीपी हजरतगंज विकास जायसवाल ने पुष्टि की कि शिकायतकर्ता की तहरीर के आधार पर आईटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, नेहा के खिलाफ IPC की धारा 153A (समुदायों में वैमनस्य फैलाना), 295A (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाना) और 505 (अफवाह फैलाना) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। अधिकारियों ने बताया कि मामले की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए उनकी सोशल मीडिया गतिविधियों की भी बारीकी से जांच की जा रही है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि नेहा सिंह राठौर ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए आतंकी हमले में मारे गए निर्दोष नागरिकों पर सवाल उठाए, जो न केवल देश की सुरक्षा एजेंसियों की गरिमा के खिलाफ हैं, बल्कि इससे दो समुदायों के बीच सांप्रदायिक तनाव फैलने की आशंका भी बनी है।
राठौर के बयानों का पाकिस्तान में दुरुपयोग
शिकायत में यह गंभीर आरोप भी लगाया गया है कि नेहा सिंह राठौर के भारत विरोधी बयानों को पाकिस्तान की मीडिया में भारत के खिलाफ प्रचार के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। इन बयानों के जरिए भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।एफआईआर में उल्लेख किया गया कि इस तरह के बयान राष्ट्र की गरिमा, कविता और साहित्य जगत की प्रतिष्ठा, और भारतीय समाज की अखंडता को ठेस पहुंचा रहे हैं।
जल्द भेजा जाएगा नोटिस, शुरू होगी पूछताछ
एसीपी जायसवाल ने जानकारी दी कि संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज करने के बाद नेहा सिंह राठौर को नोटिस भेजा जाएगा, और उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस पोस्ट का उद्देश्य सांप्रदायिक विद्वेष फैलाना, या जनता में भ्रम की स्थिति पैदा करना था।क्या है पूरा मामला: पहलगाम आतंकी हमलायह मामला जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए उस आतंकी हमले के बाद सामने आया है, जिसमें कई निर्दोष नागरिकों की जान गई थी। इस हमले की पूरे देश में निंदा की गई थी और इसे लेकर सोशल मीडिया पर तमाम प्रतिक्रियाएं आईं।
विवाद बढ़ने के बाद नेहा सिंह राठौर ने एक स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा,‘मेरे ट्वीट का उद्देश्य देश या जवानों का अपमान करना नहीं था। मेरा सवाल सत्ता से था, शहीदों के सम्मान को लेकर नहीं। मेरी बात को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है।’
नेहा सिंह राठौर अपने बेबाक बयानों और सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर मुखर राय रखने के लिए जानी जाती हैं। इससे पहले भी उनके कई गीत और टिप्पणियाँ विवादों का कारण बन चुकी हैं।

