
RANCHI (JHARKHAND): सदर अस्पताल में आए दिन मरीजों के साथ अजीबो गरीब घटनाएं हो रही हैं। कभी मरीज को इमरजेंसी से बाहर निकाल दिया जाता है तो कभी डरा धमका कर दूसरे हॉस्पिटल भेज दिया जाता है। इस वजह से मरीजों को परेशानी हो रही है। ऐसे में हॉस्पिटल प्रबंधन अब सख्ती के मोड में आ गया है। वहीं लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों और स्टाफ पर एक्शन भी लिया जाएगा। इसके लिए बस आपको इतना करना है कि एक शिकायत दर्ज करवानी है। मरीजों और उनके परिजनों की शिकायतों व सुझावों को गंभीरता से सुना और सुलझाया जाएगा। हॉस्पिटल प्रबंधन ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने और स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से शिकायत निवारण प्रणाली लागू की है।
ऐसे कर सकते हैं शिकायत
अस्पताल प्रशासन की ओर से जारी सूचना के अनुसार, मरीज या उनके अटेंडेंट अपने अनुभव, शिकायत या सुझावों को कई माध्यमों से साझा कर सकते हैं। वे संबंधित वार्ड के डॉक्टर इंचार्ज या नर्स इंचार्ज से मौखिक रूप से अपनी बात रख सकते हैं। यह व्यवस्था मरीजों को सीधे तौर पर संवाद स्थापित करने का मौका देती है। इसके अलावा, अस्पताल के सभी विभागों के अंतर्गत शिकायत पुस्तिका और शिकायत पेटी की भी सुविधा दी गई है। जहां मरीज या उनके परिजन लिखित रूप में अपनी शिकायतें दर्ज कर सकते हैं।
फ्लोर मैनेजर के पास भी कर सकते हैं कंप्लेन
अस्पताल के फ्लोर मैनेजर आयुष्मान भारत और अस्पताल प्रबंधक के कार्यालय में भी प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक शिकायतें मौखिक या लिखित रूप में दर्ज की जा सकती हैं। वहींन हॉस्पिटल के उपाधीक्षक के कार्यालय में भी यही सुविधा उपलब्ध है। इन सबके अलावा स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित हेल्पलाइन नंबर 104 पर भी कोई भी व्यक्ति अपनी शिकायत दर्ज कर सकता है। यह सुविधा विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी है जो अस्पताल परिसर में शिकायत दर्ज नहीं करा पाते हैं।
लिखित शिकायतों पर होगी कार्रवाई
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी लिखित शिकायतों पर तय समय पर विभागीय समिति द्वारा विचार किया जाता है। समाधान की दिशा में कदम उठाए जाते हैं। इस प्रक्रिया को नियमित रूप से मॉनिटर किया जाता है ताकि शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके। प्रबंधन का मानना है कि मरीजों और परिजनों के सुझाव और शिकायतें न केवल सेवा में सुधार लाएगी हैं, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित करेगी। इसी कड़ी में ओपीडी और इनडोर में इलाजरत मरीज के फीडबैक फॉर्म भी उपलब्ध कराए गए हैं, जिन्हें भरकर मरीज अपना फीडबैक दे सकते हैं। किसी भी समस्या या सुझाव के लिए मरीज हॉस्पिटल सुपरिटेंडेंट 9431177730 या अस्पताल प्रबंधक 9308989522 से सीधे संपर्क भी कर सकते हैं।
ड्यूटी पर आईकार्ड लगाने का निर्देश
हॉस्पिटल सुपरिटेंडेंट डॉ विमलेश सिंह ने सभी डॉक्टर्स और कर्मियों को ड्यूटी के समय आई कार्ड लगाने का निर्देश दिया है। जिससे कि अगर कोई गड़बड़ी करता है या मरीजों के साथ दुर्व्यवहार करता है तो उसकी पहचान हो सकेगी। वहीं शिकायत करने वालों को भी संबंधित डॉक्टर या कर्मी का नाम पता होगा। इससे दोषियों को चिन्हित कर उन पर कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि हॉस्पिटल में लगातार मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। ऐसे में कुछ डॉक्टर व स्टाफ अपनी करतूत से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसे लोगों को सबक सिखाने के लिए ये कदम उठाया गया है।
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