रांची : झारखंड में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) की प्रगति सवालों के घेरे में है। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1,500 किलोमीटर सड़क निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, लेकिन तीन महीने बीतने के बाद केवल 100 किलोमीटर सड़क का ही निर्माण हो सका है। इस दर से देखें तो औसतन हर दिन मात्र एक किलोमीटर सड़क ही बन पा रही है।
Jharkhand News : टेंडर प्रक्रिया और केंद्र-राज्य के बीच विवाद
इस योजना की धीमी रफ्तार को लेकर विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। भाजपा के पूर्व विधायक अमित मंडल ने राज्य सरकार पर टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता का आरोप लगाते हुए कहा कि “टेंडर में लूट” की वजह से सड़क निर्माण धरातल पर नहीं उतर पा रहा है।
वहीं, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के प्रवक्ता मनोज पांडेय ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि गैरभाजपा शासित राज्यों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है, जिससे केंद्रीय राशि मिलने में देरी हो रही है और परियोजनाएं प्रभावित हो रही हैं।
Jharkhand News : बारिश बनी एक और चुनौती
बारिश के कारण अगले तीन महीने सड़क निर्माण कार्य संभव नहीं है, जिससे कार्यकाल में अब सिर्फ छह महीने शेष रह जाते हैं। राज्य सरकार को बचे हुए समय में 1,400 किलोमीटर से अधिक सड़क निर्माण करना होगा, जो एक बड़ी चुनौती मानी जा रही है।
अब तक का प्रगति विवरण
झारखंड में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत अब तक कुल 33,198 किलोमीटर सड़क निर्माण की स्वीकृति दी गई है, जिसमें से 30,566 किलोमीटर का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इस परियोजना पर अब तक 13,645 करोड़ रुपये का व्यय हुआ है।
Jharkhand News : फेज-वार प्रगति:
फेज 1 : 24,916 किलोमीटर स्वीकृत, 24,852 किलोमीटर का निर्माण पूरा
फेज 2 : 1,633 किलोमीटर स्वीकृत, 100% कार्य पूर्ण
फेज 3 : 4,121 किलोमीटर स्वीकृत, 1,955 किलोमीटर पूर्ण (47% सफलता)
योजना की शुरुआत और उद्देश्य
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरुआत 25 दिसंबर 2000 को की गई थी, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को पक्की सड़कों से जोड़ना है। इस योजना में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच 60:40 खर्च का अनुपात तय है। शुरुआत में योजना के अंतर्गत संपूर्ण व्यय केंद्र सरकार वहन करती थी, जिसे बाद में संशोधित कर राज्य की हिस्सेदारी भी तय की गई।
Jharkhand News : ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क की अहमियत
ग्रामीण सड़कों का निर्माण न केवल भौगोलिक जुड़ाव बढ़ाता है, बल्कि यह आर्थिक गतिविधियों को भी गति देता है। कृषि उत्पादों की बाजार तक पहुंच, स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच, और शिक्षा के अवसरों में वृद्धि जैसे लाभ सीधे तौर पर सड़क संपर्क से जुड़े हैं।
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