Jamshedpur : राज्य सरकार नगर निकाय चुनाव की तैयारी में जोर-शोर से जुट गई है। पूर्वी सिंहभूम जिले में इसके लिए तैयारी तेज हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश के अनुसार नगर निकायों के तहत आने वाले बूथों का निरीक्षण शुरू कर दिया गया है। इन बूथों का निरीक्षण करने के बाद मरम्मत आदि कराए जाएंगे। बूथों पर पेयजल और रैंप की व्यवस्था की जाएगी।
प्रशासनिक हलकों में यह चर्चा है कि सरकार फरवरी में नगर निकाय चुनावों का एलान कर देगी। फरवरी के अंतिम सप्ताह या मार्च में नगर निकाय चुनाव हो सकते हैं। जमशेदपुर में मानगो नगर निगम और जुगसलाई नगर परिषद का चुनाव होगा। इसके अलावा, चाकुलिया नगर पंचायत का भी चुनाव कराया जाएगा। इसके लिए, जमशेदपुर में इस बार करनडीह स्थित बाजार समिति परिसर ही नगर निकाय चुनाव का मुख्य केंद्र बनेगी। नगर निकाय चुनाव बैलट पेपर से कराए जाएंगे।
जिला प्रशासन बाजार समिति में ही मतगणना कराएगा। यहीं, मतपेटिकाओं को सुरक्षित रखने के लिए वज्रगृह बनाया जाएगा। मतगणना के बाद यहीं मतपेटियां रखी जाएंगी। जिस दिन मतगणना होगी, यहीं से मतपेटियां निकाली जाएंगी और मतणना होगी। हाल ही में हुए घाटशिला उप चुनाव में जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज चुनाव गतिविधियों का मुख्य केंद्र बना था। इसके पहले, साल 2024 में हुए विधानसभा और लोक सभा चुनावों में भी को-ऑपरेटिव कॉलेज में मतगणना हुई थी।
ईवीएम रखने के लिए यहीं वज्रगृह बनाया गया था। इससे छात्रों की पढ़ाई बाधित हुई थी। इसी वजह से अब नगर निकाय चुनाव में बाजार समिति में काउंटिंग कराने का फैसला लिया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने जिले के डीसी कर्ण सत्यार्थी को पत्र लिख कर नगर निकाय चुनाव की तैयारी में जुटने को कहा है। आयोग ने निर्देश दिया है कि मतदान केंद्रों का भी जायजा ले लिया जाए। जिन मतदान केंद्रों में कुछ कमी है, उसे दुरुस्त कराया जाए।
सभी मतदान केंद्रों पर रैंप होना जरूरी है, ताकि दिव्यांगजन भी आसानी से केंद्र तक पहुंच कर अपना वोट दे सकें। एक चरण में कराया जाएगा चुनाव झारखंड में नगर निकाय चुनाव एक ही चरण में कराने की बात कही जा रही है। इसके लिए जल्द ही राज्य निर्वाचन आयोग कोषांगों का गठन करेगा। सभी जिलों में ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब वार्ड आरक्षण की कवायद चल रही है।
वार्ड आरक्षण का खाका अंचल अधिकारी तैयार कर रहे हैं। तैयार होने के बाद प्रारूप जिला पंचायत राज विभाग में भेजा जाएगा। वहां से इसे जांच-परख कर डीसी के जरिए राज्य निर्वाचन आयोग को भेजा जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग आरक्षण चार्ट को अंतिम रूप देते हुए इस पर अंतिम मुहर लगाएगा।

