
धनबाद : झारखंड की कोयला नगरी धनबाद जमीन के नीचे से जहरीली गैस रिसाव होने के कारण चर्चा में है। बीसीसीएल की पीबी (पुटकी-बेलगड़िया) एरिया के केंदुआडीह में राजपूत बस्ती सहित इसके आसपास का क्षेत्र जहरीली गैस की चपेट में आ गया है। इस बात से कोयला मंत्रालय, नई दिल्ली को अवगत करा दिया गया है। गैस कब, कहां से कितनी मात्रा में रिसाव हो रहा, इसे लेकर वैज्ञानिक अब भी जांच कर रहे हैं। कोयला मंत्रालय और श्रम व रोजगार मंत्रालय को भी इससे अवगत करा दिया गया है। कोयला मंत्रालय ने कई टीमों को राहत एवं बचाव कार्य में पर लगा दिया है। बीसीसीएल, कोल इंडिया, सीएमपीडीआईएल, डीजीएमएस आदि संयुक्त रूप से टीम बनाकर काम कर रही हैं। इसके अलावा आईआईटी आईएसएम, सिंफर के वैज्ञानिक भी इसमें लगे हुए है।
कोयला सचिव विक्रम देव दत्त पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी मंत्रालय से कर रहे है। बीसीसीएल प्रबंधन ने पुटकी-बेलगड़िया एरिया के महाप्रबंधक गणेश चंद्र साहा को कार्य में गंभीरता नहीं दिखाने पर निलंबित कर दिया है। जांच टीम को नक्शा के अध्ययन करने के बाद इलाका नीचे पूरी तरह से अग्नि प्रभावित है। नीचे पानी व गैस से भरा है। पहले यहां 13 व 14 नंबर सीम में भूमिगत खदान संचालित हो चुका है। बालू की भराई तक नहीं हुई है, जिसके कारण आग अंदर ही अंदर जहरीली गैस फैलती जा रही है। कोयला निकासी के बाद बड़ा भूभाग भूमिगत खनन के कारण खोखला हो गया है। यहां जमीन की सतह भुरभुरी होने की वजह से जहरीली गैस ऊपर आ रही है। बीसीसीएल की मानें तो इसका दायरा करीब 1.75 किमी है। धनबाद-बोकारो रोड के आसपास का पूरा इलाका गैस के प्रभाव में आ गया है।
राजपूत बस्ती का इलाका हो गया खतरनाक : मंत्रालय
कोयला मंत्रालय के अपर सचिव सनोज कुमार झा ने शनिवार को बताया कि जो रिपोर्ट मिली है, उसमें केंदुआडीह की राजपूत बस्ती का इलाका काफी खतरनाक हो गया है। पहले लोग यहां से हटकर जान बचाएं। जहां तक रोजगार की बात है, तो इसके लिए हर स्तर पर पहल हो रही है। पहले जिस तरह से बाढ़ आती थी, तो लोग जान की रक्षा करते थे। वैसे ही समझना होगा।रोजगार की चिंता करेंगे, तो स्थिति भयावह हो सकती है। बेलगड़िया व करमाटाड़ से आने-जाने के लिए साधन उपलब्ध करा दिए गए हैं। कौशल विकास के तहत प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। मुआवजा तय कर दिया गया है। इससे स्वरोजगार करने कर सकते हैं।

