
बोकारो: झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड की लापरवाही ने उपभोक्ता के होश उड़ा दिए हैं। एक घरेलू उपभोक्ता को JBVNL ने तीन महीने में 37.06 लाख का बिल भेजा है।
झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड की चौंकाने वाली लापरवाही सामने आई है। बिजली उपभोक्ता बोकारो जिले के कसमार प्रखंड के गररी गांव निवासी गणेश महतो को विभाग ने 37,06,668 का बिजली बिल भेजा है। इस भारी-भरकम बिल देखकर गणेश महतो के होश उड़ गए हैं। साथ ही पूरा गांव हैरान-परेशान है।
3 महीने में 5 लाख यूनिट की खपत
विभागीय आंकड़ों की मानें तो इस बिल में 26 जनवरी 2026 से 29 अप्रैल 2026 के बीच कुल पांच लाख यूनिट बिजली की खपत दिखाई गई है। एक साधारण ग्रामीण घर में कुछ पंखे,बल्ब, एक टीवी या एक छोटा फ्रिज जैसी बुनियादी चीजें रखता है। महज तीन माह में 5 लाख यूनिट बिजली खपत बिल्कुल असंभव है। युवा बबलू बताते हैं कि इतनी बिजली का उपयोग बड़े-बड़े औद्योगिक कारखानों या मिलों में होता है। किसी गरीब के घरेलू कनेक्शन पर नहीं। यह बिल कैसे जेनरेट हुआ है, इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए।
पीड़ित परिवार के अनुसार उन्होंने मार्च 2026 में ही अपने पिछले सारे बकाए बिलों का पाई-पाई भुगतान कर दिया था। इसके बावजूद अचानक लाखों का यह बिल आने से पूरा परिवार मानसिक तनाव से गुजर रहा है। जब से यह बिल आया है, लोग बार- बार पूछ रहे हैं। रात की नींद और दिन का चैन छिन गया है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि अगर विभाग ऐसी डराने वाली गलतियां करेगा, तो आम जनता का सिस्टम पर से भरोसा उठ जाएगा।
हालांकि इस संबंध में जैनामोड़ क्षेत्र के विद्युत विभाग के सहायक अभियंता अमित कुमार ने आश्वासन दिया है कि उपभोक्ता को घबराने की जरूरत नहीं है। उपभोक्ता विभाग को एक लिखित आवेदन दें। इसके बाद मीटर और उसकी रीडिंग की गहन जांच करवाई जाएगी। जो भी त्रुटि होगी, उसे दुरुस्त कर जल्द ही नया और सही बिल जारी कर दिया जाएगा।

