Ranchi: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने हाल के दो विवादास्पद मुद्दों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिससे राज्य और पड़ोसी बिहार की राजनीति में हलचल मच गई है। चाईबासा में एंबुलेंस न मिलने से एक गरीब आदिवासी पिता को अपने बच्चे का शव थैले में लेकर घर जाना पड़ा, इस घटना पर मंत्री ने मीडिया और विपक्ष पर स्वास्थ्य व्यवस्था को बदनाम करने का आरोप लगाया। दूसरी तरफ इरफान अंसारी ने नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। मैं बिहार जाकर उनका इलाज करना चाहता हूं।
इरफान अंसारी ने शनिवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सफाई दी है और भ्रामक खबरें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मंत्री ने कहा है कि वायरल खबरों में तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। बच्चे की उम्र चार माह थी, जबकि मीडिया में इसे चार वर्ष बताया जा रहा था।
उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में लगी है, लेकिन असामाजिक तत्व और कुछ राजनेता जानबूझकर अफवाहें फैला रहे हैं। मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। मंत्री ने सीएम से आग्रह किया कि बिना सत्यापन के न्यूज फ्लैश करने वालों पर कार्रवाई हो, ताकि जनता में भय न फैले।
दूसरी ओर, बिहार में हिजाब विवाद को लेकर मंत्री ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा हमला बोला। जामताड़ा में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है और वे उनका निःशुल्क इलाज कराना चाहते हैं। लेकिन अगर उन्होंने जानबूझकर ऐसा किया है तो देश से माफी मांगें। इसके पहले एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में मंत्री ने बिहार की आयुष डॉक्टर नुसरत परवीण को झारखंड में नौकरी का ऑफर दिया था, जिसमें तीन लाख रुपये मासिक वेतन, सरकारी फ्लैट, मनचाही पोस्टिंग और पूर्ण सुरक्षा का वादा शामिल है। उन्होंने इसे बिहार की शर्मनाक घटना का करारा जवाब बताया, जहां महिला की गरिमा पर हमला हुआ।
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