रांची : नववर्ष 2026 का आज दूसरा दिन है, लेकिन झारखंड में मौसम का मिजाज बदलने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। नए साल की शुरुआत जिस कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के साथ हुई थी, उसका असर अब और गहराता नजर आ रहा है। सुबह होते ही सड़कों पर छाया कुहासा, ठंडी हवाओं की चुभन और गिरता तापमान आम जनजीवन को प्रभावित कर रहा है। हिमालयी इलाकों में हो रही बर्फबारी का असर झारखंड तक पहुंच रहा है, जिससे दिन में भी धूप राहत नहीं दे पा रही है। ऐसे में लोगों के मन में यही सवाल है कि आने वाले दिनों में मौसम कैसा रहेगा और ठंड से कब राहत मिलेगी।
Jharkhand Weather Today : घने कोहरे से जनजीवन प्रभावित
राज्य के कई जिलों में सुबह और देर रात घना कोहरा छाया हुआ है। पलामू और कोल्हान प्रमंडल में कोहरे का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने इन इलाकों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मेदिनीनगर, डाल्टनगंज, जमशेदपुर, सरायकेला-खरसावां और आसपास के क्षेत्रों में दृश्यता काफी कम हो गई है, जिससे वाहन चालकों को परेशानी हो रही है।
सबसे ठंडा जिला गुमला, तापमान एक अंकों में
पिछले 24 घंटों के तापमान आंकड़ों के अनुसार गुमला झारखंड का सबसे ठंडा जिला बना हुआ है। यहां न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मेदिनीनगर में पारा 5.7 डिग्री और हजारीबाग में 6.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। राजधानी रांची का न्यूनतम तापमान 7.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से नीचे है। अधिकतम तापमान में गिरावट के कारण दिनभर ठंड का असर बना रहा।
Visibility Alert : कोहरे से सड़कों पर बढ़ी परेशानी
घने कोहरे के कारण कई जिलों में दृश्यता बेहद कम दर्ज की गई। मेदिनीनगर में विजिबिलिटी घटकर लगभग 300 मीटर रह गई, जबकि जमशेदपुर में यह 600 मीटर तक सीमित रही। सुबह के समय ट्रेनों और बसों की आवाजाही पर भी असर पड़ा है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
हिमालय की बर्फबारी से बढ़ी सर्द हवाओं की मार
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार हिमालय और तराई क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी का सीधा असर झारखंड के मौसम पर पड़ रहा है। उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाओं के कारण अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है। यही वजह है कि दिन में धूप निकलने के बावजूद ठंड का एहसास बना हुआ है।

