- एनएचएआई की परियोजना से संबंधित 28.81 लाख रुपये के भुगतान का मामला
- मुआवजा भुगतान से पहले अभिलेखीय विसंगतियों को स्पष्ट करना आवश्यक
- प्राथमिक जांच में मूल पंजी और खतियान अभिलेखों का किया जा चुका है मिलान
रांची : भारतमाला परियोजना के अंतर्गत पलमा-गुमला (राष्ट्रीय राजमार्ग-23) फोरलेन निर्माण में भूमि अधिग्रहण से जुड़े एक मामले में मुआवजा भुगतान को लेकर जांच शुरू हुई है। नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की परियोजना से संबंधित 28.81 लाख रुपये के भुगतान पर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने रिपोर्ट तलब की है। बेड़ो अंचल कार्यालय से परियोजना निदेशक, गुमला को भेजे पत्र में बताया गया है कि मौजा चिल्दरी के एक रैयत को प्लॉट संख्या 1219 और 1223 के अधिग्रहित रकबे के एवज में ₹28,81,665 मुआवजा भुगतान से संबंधित अभिलेख आयोग को उपलब्ध कराना है।
प्राथमिक जांच में मूल पंजी और खतियान अभिलेखों का मिलान किया गया। मूल अभिलेख में संबंधित खाता में कुल एक एकड़ 67 डिसमिल भूमि दर्ज पाई गई। इसके साथ ही वर्ष 1945 के एक विक्रय पत्र के आधार पर स्वामित्व हस्तांतरण का उल्लेख मिला है।
हालांकि ऑनलाइन पंजी में तकनीकी त्रुटि के कारण कुछ विवरण मूल अभिलेख से भिन्न पाए गए हैं।
सत्यापन के बाद आगे की होगी कार्रवाई
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मुआवजा भुगतान से पूर्व अभिलेखीय विसंगतियों को स्पष्ट करना आवश्यक है, ताकि वास्तविक हकदार को ही राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जा सके। मामला अब आयोग के संज्ञान में है और सत्यापन के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

