RANCHI: झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ के अध्यक्ष अजय राय ने झारखंड राज्य ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड और उसकी अनुषंगी कंपनियों में लंबे समय से बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक नहीं होने पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि 23 सितंबर 2025 के बाद से अब तक बोर्ड की बैठक आयोजित नहीं की गई है, जबकि कंपनी अधिनियम 2013 के अनुसार प्रत्येक चार माह में कम से कम एक बैठक अनिवार्य है।
उन्होंने बताया कि बोर्ड बैठक नहीं होने से वितरण, संचरण और उत्पादन से जुड़े कई महत्वपूर्ण नीतिगत और वित्तीय प्रस्ताव लंबित पड़े हैं। जिससे निगम के कामकाज पर असर पड़ रहा है। अजय राय ने चेतावनी दी कि निर्धारित समय पर बैठक नहीं होने की स्थिति में रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज द्वारा दंडात्मक कार्रवाई और जुर्माने की संभावना भी बन सकती है। साथ ही कई निर्णयों की वैधता पर सवाल उठ सकते हैं। श्रमिक संघ ने सरकार और प्रबंधन से 9 मार्च को प्रस्तावित बोर्ड बैठक हर हाल में आयोजित करने की मांग की है। संघ ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र राज्य के विकास की रीढ़ है और प्रशासनिक शिथिलता स्वीकार्य नहीं है। बैठक नहीं होने पर संगठन आगे की रणनीति तय करेगा।

