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झारखंड के चाईबासा में अंधविश्वास की आड़ में नाबालिग से दुष्कर्म, ओझा गिरफ्तार

चाईबासा झारखंड में अंधविश्वास के नाम पर ओझा ने नाबालिग से दुष्कर्म किया, पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी गिरफ्तार।

by Vivek Sharma
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चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र में अंधविश्वास की आड़ में नाबालिग से दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। झाड़-फूंक और ओझा-गुनी के नाम पर कथित इलाज के बहाने एक ओझा ने मासूम के साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

घटना जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के तोड़ागहातु गांव के मुंडा साईं टोला की है। जानकारी के अनुसार, एक महिला अपने बीमार बेटे के इलाज के लिए गांव के ओझा पांडे नाग के पास पहुंची थी। आरोपी लंबे समय से क्षेत्र में झाड़-फूंक का काम करता था।

आरोप है कि इलाज की प्रक्रिया का हवाला देते हुए ओझा ने महिला और उसके बेटे को घर से बाहर भेज दिया। उसने दोनों को पास के तालाब में फेरा लगाने और पूजा संबंधी प्रक्रिया पूरी करने को कहा। इस बीच वह घर के भीतर ही रुक गया।

इसी दौरान आरोपी ने महिला की नाबालिग बेटी को डरा-धमकाकर, जान से मारने की धमकी देते हुए उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। घटना के बाद उसने पीड़िता को किसी को कुछ नहीं बताने की धमकी दी और वहां से फरार हो गया।

जब महिला और उसका बेटा वापस घर लौटे तो पीड़िता ने पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजन तुरंत जगन्नाथपुर थाना पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। पश्चिमी सिंहभूम के एसपी अमित रेनू के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। गठित टीम ने छापेमारी कर 2 मार्च 2026 को आरोपी पांडे नाग को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने थाना कांड संख्या 15/26 (दिनांक 1 मार्च 2026) के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64 तथा पोक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी वर्ष 2014 में भी दुष्कर्म के एक मामले में आरोपित रह चुका है।

अंधविश्वास से दूर रहने की अपील

जगन्नाथपुर एसडीपीओ ने आम लोगों से अंधविश्वास से दूर रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि झाड़-फूंक और ओझा-गुनी के नाम पर आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं। किसी भी बीमारी या समस्या की स्थिति में योग्य चिकित्सक से इलाज कराना ही सुरक्षित विकल्प है। उन्होंने कहा कि अब हर प्रखंड में सरकारी स्वास्थ्य केंद्र उपलब्ध हैं, जहां समुचित इलाज की व्यवस्था है।


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