RANCHI: झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई हैं। इसी क्रम में कांग्रेस आलाकमान के प्रतिनिधि और तेलंगाना के उप मुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्का, झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, विधायक दल के नेता प्रदीप यादव और उपनेता राजेश कच्छप ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की। कांके स्थित मुख्यमंत्री आवास में करीब दो घंटे तक चली बैठक में राज्यसभा चुनाव की रणनीति और गठबंधन की एकजुटता पर चर्चा हुई।
बैठक के बाद कांग्रेस नेताओं ने मीडिया से बातचीत में कहा कि चर्चा काफी सकारात्मक रही। उन्होंने बताया कि कांग्रेस और झामुमो दोनों इस बात पर सहमत हैं कि राज्यसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार की हार सुनिश्चित करनी है। कांग्रेस नेताओं ने साफ तौर पर कहा कि पार्टी ने राज्यसभा की एक सीट पर अपनी दावेदारी पेश कर दी है।
तेलंगाना के डिप्टी सीएम ने की वार्ता
झारखंड कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने बताया कि कांग्रेस आलाकमान ने तेलंगाना के डिप्टी सीएम मल्लू भट्टी विक्रमार्का को झामुमो नेतृत्व से बातचीत और सहमति बनाने के लिए रांची भेजा है। उन्होंने कहा कि एक-दो दिनों में राज्यसभा चुनाव को लेकर अंतिम फैसला लिया जाएगा। के. राजू ने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस झारखंड से स्थानीय उम्मीदवार को ही राज्यसभा भेजना चाहती है और इस संबंध में आलाकमान को अवगत करा दिया गया है।
कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का रुख और सोच कांग्रेस के समान है।
उन्होंने कहा कि पहली सीट जीतने में कोई परेशानी नहीं है, लेकिन दूसरी सीट पर जीत सुनिश्चित करने के लिए सभी 28 गठबंधन विधायकों को एकजुट रखना जरूरी होगा। इसके लिए रणनीति तैयार की जा रही है और इसकी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री को सौंपी गई है। गौरतलब है कि 81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में सत्तारूढ़ गठबंधन के पास कुल 56 विधायक हैं, जिनमें झामुमो के 34, कांग्रेस के 16, राजद के 4 और माले के 2 विधायक शामिल हैं। इसके बावजूद भाजपा ने भी राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार उतारने की घोषणा कर दी है।

