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JHARKHAND NEWS: झारखंड में अब शराब बेचने के लिए भी लेना होगा फूड लाइसेंस

नियमों में बड़े बदलाव की खाद्य सुरक्षा विभाग ने शुरू कर दी तैयारी, उत्पाद विभाग के सचिव को जल्द ही भेज दिया जाएगा प्रस्ताव

by Vivek Sharma
झारखंड में शराब बिक्री
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RANCHI : झारखंड में शराब बिक्री को लेकर नियमों में बड़े बदलाव करने की तैयारी हो रही है। खाद्य सुरक्षा विभाग अब शराब दुकानों के लिए फूड लाइसेंस अनिवार्य करने की तैयारियों में जुट गया है। इसके लिए अधिकारी जल्द ही उत्पाद विभाग के सचिव को प्रस्ताव भेजने की तैयारी कर रहे हैं। इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिलते ही राज्य में शराब बेचने वाले सभी दुकानदारों को फूड लाइसेंस लेना अनिवार्य हो जाएगा।

उल्लेखनीय है कि झारखंड में नई उत्पाद नीति के तहत शराब दुकानों का संचालन निजी हाथों में सौंपा गया है। टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से करीब 1300 दुकानों का जिम्मा प्राइवेट एजेंसियों को दिया गया है। अब टेंडर का एक साल पूरा होने वाला है और विभाग अगले टेंडर की तैयारी में है। ऐसे में विभाग संशोधन करने की तैयारी कर रहा है। इसी क्रम में फूड लाइसेंस को अनिवार्य बनाने का प्रस्ताव प्रमुख रूप से शामिल किया जा सकता है।

कई राज्यों में पहले से लागू है नियम

राज्य में अब तक शराब दुकानों के लिए फूड लाइसेंस जरूरी नहीं है। केवल बार, रेस्टोरेंट और कुछ विशेष संस्थानों ने ही यह लाइसेंस लिया है। इससे इतर देश के कई राज्यों में शराब की दुकानों को भी खाद्य श्रेणी में रखा गया है और fssai लाइसेंस लेना अनिवार्य किया गया है। इस असमानता को दूर करने के लिए अब विभाग कदम उठाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

कई बार पकड़ी गई है नकली और मिलावटी शराब

एक्ट के अनुसार ‘खाद्य पदार्थ’ की परिभाषा में हर वह चीज शामिल है, जो मानव उपभोग के लिए बनाई गई हो। इसमें पीने का बोतलबंद पानी और शराब भी शामिल है। इसके बावजूद अब तक झारखंड में इसे लागू नहीं किया गया है। राज्य में कई बार मिलावटी और नकली शराब की खेप भी पकड़ी जाती है, लेकिन सख्ती से कार्रवाई नहीं हो पाती। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शराब दुकानों के लिए फूड लाइसेंस अनिवार्य कर दिया जाए, तो गुणवत्ता और सुरक्षा के मानकों को बेहतर तरीके से लागू किया जा सकेगा।

लेबलिंग के लिए भी हैं सख्त नियम

ये नियम सभी अल्कोहोलिक पेय पदार्थ, जैसे- वाइन, बीयर, रम, फेनी, जीन, ब्रांडी और वोदका के लिए भी अनिवार्य किया गया है। इसके साथ ही बोतलों पर लेबलिंग से संबंधित नियम भी निर्धारित किए गए हैं, जिससे उपभोक्ताओं को उत्पाद की सही जानकारी मिल सके। द फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अल्कोहलिक बेवरेजेज पैकेजिंग एंड लेबलिंग- 2011 को भी फॉलो करना है। इसमें शराब की पूरी जानकारी लेबल पर देनी है। उसमें कितना अल्कोहल है और कैसे स्टोर करना है- यह भी बताना है।

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